रांची: भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में निकला मशाल जुलूस अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि सिस्टम के खिलाफ खुला विद्रोह बनता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं पीटी परीक्षा के परिणाम को लेकर उठे सवालों ने युवाओं को सड़कों पर ला दिया है।
जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकले इस जुलूस में हजारों अभ्यर्थी और कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में मशालें और जुबां पर नारे—“रिजल्ट रद्द करो”, “युवाओं के साथ न्याय करो”—ने पूरे माहौल को उग्र बना दिया।
2 जुलाई को जारी परिणाम में 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद से ही पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कटऑफ जारी नहीं किया गया, ओएमआर शीट में गड़बड़ी हुई और कई योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया।
इस बीच सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त जांच की चर्चाओं ने मामले को और गर्म कर दिया है। हालांकि अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
भाजयुमो नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। अगले चरण में झारखंड लोक सेवा आयोग कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसमें पूरे राज्य से बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे।
यह मामला अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और सिस्टम की विश्वसनीयता का सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।
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