पटना: कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभाते हुए खाजेकला थाना प्रभारी विद्यानंद वर्मा खुद हंगामे की चपेट में आ गए। चेहल्लुम जुलूस के दौरान अशोक राजपथ पर दो अखाड़ों के बीच विवाद के बाद स्थिति बिगड़ी तो थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने में जुट गए। इसी दौरान उनके सिर में चोट लग गई।
घायल होने के बावजूद थानाध्यक्ष ने मौके से हटने के बजाय पुलिस टीम के साथ मोर्चा संभाले रखा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उनका प्राथमिक उद्देश्य किसी भी कीमत पर भीड़ को शांत कराना और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना था।
बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हंगामे में बदल गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति संभालने की कोशिश की। इसी दौरान थानाध्यक्ष विद्यानंद वर्मा घायल हो गए।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी थानाध्यक्ष की तस्वीरें और वीडियो चर्चा में हैं, जहां लोग उनकी ड्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बीच पुलिस अधिकारी ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। विवाद की असली वजह, जिम्मेदार लोगों की पहचान और पूरी घटना का क्रम जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सवाल अब यह है कि त्योहार और जुलूस के दौरान कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों पर बढ़ते दबाव और हमलों को कैसे रोका जाएगा?
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