चतरा: चतरा में पुलिस ने भाकपा माओवादी संगठन की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए दो सक्रिय नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। दोनों नक्सली हथियार और आगजनी का सामान लेकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस की सतर्कता से फायरिंग और आगजनी की योजना धरी रह गई।
यह कार्रवाई एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में प्रतापपुर-कुंदा मुख्य मार्ग पर बलवादोहर गांव के पास वाहन जांच के दौरान की गई। पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, तभी कुंदा की ओर से बाइक पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन जवानों ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र गंझू (22 वर्ष) और संजय गंझू (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर मनोहर गंझू के निर्देश पर इलाके में दहशत फैलाने की तैयारी में थे।
पुलिस के अनुसार, दोनों नक्सली मुईयांडीह घाटी में फायरिंग करने और निर्माण कार्य में लगे वाहनों व साइट पर आगजनी कर डर का माहौल बनाने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा इलाके में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए लेवी वसूली की गतिविधियों में भी शामिल होने की बात सामने आई है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने दोनों के पास से एक देसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक लीटर पेट्रोल, माचिस, दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार नक्सलियों का संबंध भाकपा माओवादी के सक्रिय कमांडर मनोहर गंझू से है। आरोप है कि मनोहर गंझू लगातार क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश कर रहा था और हाल ही में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से लेवी मांगने के लिए पर्चा भी भेजा था।
गिरफ्तार सुरेंद्र गंझू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से ही आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
मामले में प्रतापपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब माओवादी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि को सफल नहीं होने दिया जाएगा।