रांची: अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और धन वर्षा के लालच ने एक सनसनीखेज हत्या को जन्म दे दिया। रांची के सदर थाना क्षेत्र में तथाकथित तांत्रिक रमेश ठाकुर हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया कि पूरा मामला ओझा-गुनी और कथित तांत्रिक क्रियाओं के चक्कर से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, मृतक रमेश ठाकुर युवकों को यह भरोसा दिलाता था कि विशेष तांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ‘परी’ का दर्शन होगा और धन की वर्षा होगी।
लालच में पहुंचे युवक, फिर बढ़ा आक्रोश
रांची सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, रमेश ठाकुर अपने पास आने वाले युवकों को तंत्र-मंत्र के नाम पर अपने कोकर स्थित घर बुलाता था। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया है कि वह उन्हें कई तरह के झांसे देता था।
जब लंबे समय तक कथित धन वर्षा या ‘परी’ जैसी कोई बात सच नहीं हुई तो आरोपियों के मन में नाराजगी बढ़ने लगी। इसी गुस्से में उन्होंने रमेश ठाकुर की हत्या की साजिश रची।
पहले गोली चलाने की कोशिश, फिर प्लास से हमला
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से हथियार लेकर रमेश ठाकुर के घर पहुंचे। वहां विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने देसी पिस्टल से गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली।
इसके बाद आरोपियों ने लोहे के प्लास से हमला कर दिया, जिससे रमेश ठाकुर की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी उसके शरीर पर मौजूद आभूषण लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने बरामद किए हथियार और गहने
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा, खून लगा प्लास, मृतक के आभूषण, खून से सने कपड़े, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
बरामद सामान में सोने की चेन, ब्रेसलेट, अंगूठियां, कड़ा और कानबाली शामिल हैं।
24 घंटे में खुला हत्या का राज
मृतक के बेटे ने सदर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद एसएसपी रांची के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
सिटी एसपी के निर्देशन और सदर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय जांच के आधार पर मामले का खुलासा कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित तांत्रिक गतिविधि से जुड़े और कितने लोग संपर्क में थे।
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