जहानाबाद: पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को जहानाबाद में हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। छात्रों का प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले बैठा, जहां जमकर पत्थरबाजी हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को दर्जनों राउंड फायरिंग करनी पड़ी।
उग्र भीड़ ने न सिर्फ सड़कों और बाजारों को जाम किया, बल्कि डीएम आवास को भी निशाना बनाते हुए पथराव किया। इस हमले में आवास के बाहर लगे शीशे चकनाचूर हो गए। शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रेल रोकने की कोशिश, शहर ठप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने काको मोड़ स्टेशन के पास रेल रोकने की कोशिश की और समाहरणालय के साथ-साथ प्रमुख बाजारों को घेर लिया। सड़क से लेकर स्टेशन तक हंगामा जारी रहा, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ।
सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा
छात्रों का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
प्रशासन अलर्ट, CCTV से होगी पहचान
जिलाधिकारी छिरिड वाई भुटिया ने बताया कि उपद्रवियों द्वारा पथराव किया गया है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि CCTV फुटेज के आधार पर पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चेतावनी: आंदोलन और होगा उग्र
हालांकि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है, लेकिन छात्र संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा।