रांची। झारखंड में फिल्म और टेलीविजन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलने जा रहे हैं। राज्य में “फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ झारखंड” की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDC) और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SRFTI) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान राज्य में फिल्म शिक्षा, प्रशिक्षण और रचनात्मक क्षेत्र को बढ़ावा देने की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रस्तावित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ झारखंड का उद्देश्य राज्य के युवाओं को फिल्म निर्माण, अभिनय, निर्देशन, पटकथा लेखन, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग, साउंड डिजाइन और टेलीविजन प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
झारखंड प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के कारण फिल्म शूटिंग के लिए पहले से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस संस्थान की स्थापना से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और फिल्म उद्योग से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
एमओयू के तहत सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तकनीकी सहयोग, पाठ्यक्रम निर्माण और प्रशिक्षण व्यवस्था में सहयोग करेगा। इससे राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार लंबे समय से झारखंड को फिल्म निर्माण के अनुकूल वातावरण देने और स्थानीय कलाकारों व तकनीकी विशेषज्ञों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना को इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस संस्थान के शुरू होने के बाद झारखंड के युवाओं को फिल्म और टेलीविजन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी और प्रदेश में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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