दुमका: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में इस बार तकनीक का नया रंग देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने ऐसे दो प्रोजेक्ट तैयार किए हैं, जो मेले की तस्वीर बदल सकते हैं।
पहली बार बासुकीनाथ धाम में सफाई रोबोट और टोटो एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाएगा। दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा तैयार किए गए इन दोनों प्रोजेक्ट को जिला प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने छात्रों के इनोवेशन से प्रभावित होकर इन्हें श्रावणी मेले में उपयोग करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का उद्देश्य इस बार मेले को ज्यादा स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
शिवगंगा से कचरा निकालेगा रोबोट
श्रावणी मेले के दौरान शिवगंगा तालाब में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पानी में गंदगी बढ़ने की समस्या रहती है। इसे देखते हुए छात्रों ने वॉटर क्लीनिंग रोबोट तैयार किया है।
यह रोबोट पानी की सतह पर तैरने वाले प्लास्टिक और अन्य कचरे को खुद साफ करेगा। इसके अलावा नेवसा रिवाइवल बोट के जरिए जल शुद्धिकरण में भी मदद मिलेगी।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी प्रो. पंकज सरकार ने बताया कि इस तकनीक का उद्देश्य मेले के दौरान शिवगंगा तालाब को साफ और स्वच्छ बनाए रखना है।
भीड़ में तुरंत पहुंचेगी टोटो एंबुलेंस
श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में कई बार मरीजों और जरूरतमंदों तक एंबुलेंस पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
इसी समस्या को देखते हुए छात्रों ने टोटो एंबुलेंस तैयार की है। छोटा आकार होने के कारण यह संकरी गलियों और भीड़ वाले क्षेत्रों में आसानी से पहुंच सकेगी।
इससे श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार देने और जरूरत पड़ने पर अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
झारखंड में पहली बार इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट का सीधा इस्तेमाल
दुमका इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश शंकर ने कहा कि यह झारखंड में पहला मौका है जब किसी इंजीनियरिंग कॉलेज की तकनीकी परियोजनाओं का उपयोग सीधे इतने बड़े धार्मिक आयोजन में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के इन प्रयोगों से स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।
छात्रों के इनोवेशन को मिला बड़ा मंच
हाल ही में कॉलेज परिसर में सेंटर फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी (CEVT) का उद्घाटन हुआ था। इस दौरान छात्रों ने कई इनोवेटिव प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए थे।
कार्यक्रम में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, टेक्नो इंडिया के डायरेक्टर डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती, झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के कुलपति प्रो. डॉ. डीके सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
सफाई रोबोट और टोटो एंबुलेंस मॉडल ने सभी का ध्यान खींचा, जिसके बाद इन्हें श्रावणी मेले के लिए तैयार करने का फैसला लिया गया।
30 जुलाई से शुरू होने वाले मेले से पहले छात्र और कॉलेज प्रबंधन दोनों प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। दुमका के छात्रों की यह पहल अब श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था में नई मिसाल बनने की तैयारी में है।
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