पटना: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। पूर्व मध्य रेलवे और संबंधित मंडलों की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में साउथ बिहार एक्सप्रेस का महादेवसाल स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है, वहीं मऊ और कोलकाता के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि श्रावणी मेला अवधि के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 13287/13288 दुर्ग-आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस का चक्रधरपुर मंडल के महादेवसाल स्टेशन पर 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया गया है।
निर्धारित समय के अनुसार 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस महादेवसाल स्टेशन पर शाम 16:17 बजे पहुंचेगी और 16:19 बजे रवाना होगी। वहीं 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस सुबह 09:47 बजे महादेवसाल स्टेशन पहुंचेगी और 09:49 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी।
मऊ-कोलकाता के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन
श्रावणी मेला में यात्रियों की सुविधा और अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मऊ-कोलकाता-मऊ स्पेशल ट्रेन (05096/05095) चलाने का फैसला लिया है। यह ट्रेन सीवान, छपरा, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, लखीसराय-किऊल और झाझा के रास्ते चलेगी।
रेलवे के अनुसार, 05096 मऊ-कोलकाता स्पेशल 22 जुलाई से 23 सितंबर 2026 तक प्रत्येक बुधवार को मऊ जंक्शन से रवाना होगी। वहीं वापसी में 05095 कोलकाता-मऊ स्पेशल 23 जुलाई से 24 सितंबर 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।
किऊल और लखीसराय के यात्रियों को भी मिलेगा लाभ
यह स्पेशल ट्रेन किऊल जंक्शन से होकर गुजरेगी, जिससे लखीसराय और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को कोलकाता जाने और आने में सुविधा मिलेगी। ट्रेन में यात्रियों की जरूरत को देखते हुए कुल 19 कोच लगाए जाएंगे। इनमें सामान्य, स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के कोच शामिल रहेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर रेलवे का फोकस
श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। इसी को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों, अस्थायी ठहराव और विशेष जांच व्यवस्था के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की तैयारी की है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मेला अवधि के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए आगे भी आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।