रांची: झारखंड और बिहार में नक्सली संगठनों के आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी ने माओवादी चंदन कुमार के खिलाफ रांची स्थित विशेष अदालत में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है।
मूल रूप से बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी चंदन कुमार प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के मगध जोन को पुनर्जीवित करने और ठेकेदारों से अवैध लेवी वसूली के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। इस मामले में NIA पहले ही पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जबकि चंदन कुमार को छठे आरोपी के रूप में नामजद किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, चंदन कुमार लंबे समय तक फरार रहा और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। रांची की विशेष अदालत ने उसे फरार घोषित करते हुए अक्टूबर 2023 में गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद NIA ने जनवरी 2026 में उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी जेल में बंद नक्सलियों तथा ओवरग्राउंड वर्कर्स के संपर्क में रहकर संगठन की गतिविधियों को फिर से सक्रिय करने की साजिश रच रहा था। एजेंसी को यह भी जानकारी मिली है कि विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को डराकर भारी मात्रा में लेवी वसूली की जा रही थी, जिसका इस्तेमाल संगठन के विस्तार में किया जा रहा था।
इस मामले की प्राथमिकी NIA ने दिसंबर 2021 में रांची शाखा में दर्ज की थी। शुरुआती जांच में ही कई बड़े नक्सली नाम सामने आए थे, जिनमें इनामी माओवादी प्रद्युमन शर्मा, योगेंद्र रविदास, नागेंद्र गिरी, हथियार सप्लायर अभिनव उर्फ बिट्टू और धनंजय पासवान शामिल हैं।