रांची: टेरर फंडिंग के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई की है। रांची जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत करीब 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
ईडी की कार्रवाई लातेहार के चर्चित माओवादी हमले और लेवी वसूली से जुड़े मामले में की गई है। एजेंसी के अनुसार, यह मामला संतोष कंस्ट्रक्शन और उससे जुड़े कई लोगों से संबंधित है, जिनमें संतोष कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह, मनीष कुमार, बैजनाथ गंझू, राजेश कुमार गंझू और रविंद्र गंझू के नाम शामिल हैं।
4 जवानों की हत्या वाले हमले से जुड़ा मामला
जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले की शुरुआत लातेहार के चंदवा थाना में दर्ज दो प्राथमिकी से हुई थी, जिसकी जांच बाद में एनआईए ने संभाली। इनमें से एक मामला वर्ष 2019 में लुकुइया मोड़ पर हुए माओवादी हमले से जुड़ा है, जिसमें झारखंड पुलिस के चार जवान शहीद हुए थे।
दूसरा मामला कथित तौर पर माओवादी संगठन को दी गई 5 लाख रुपये की लेवी से जुड़ा बताया गया है। ईडी का आरोप है कि अपराध से अर्जित धन को संपत्तियों में निवेश कर वैध बनाने की कोशिश की गई।
7.16 करोड़ की अवैध कमाई का दावा
ईडी के अनुसार, जांच में करीब 7.16 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का पता चला है। एजेंसी का कहना है कि इसमें से 2.69 करोड़ रुपये नकद पहले ही एनआईए बरामद कर चुकी थी, जबकि बाकी राशि को कंपनी में निवेश और संपत्तियों की खरीद के जरिए खपाने का प्रयास किया गया।
ईडी ने आरोप लगाया है कि संपत्तियों की खरीद में कम मूल्य की रजिस्ट्री और नकद लेन-देन का सहारा लिया गया। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।