नालंदा: नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ इन दिनों प्रकृति के एक बेहद खूबसूरत नजारे का गवाह बन रहा है। शहर के पुराने विशाल पेड़ों पर हजारों की संख्या में पहुंचे साइबेरियन प्रवासी पक्षियों ने अपना नया ठिकाना बना लिया है।
सुबह और शाम इन विदेशी मेहमानों की चहचहाहट से पूरा माहौल जीवंत हो उठता है। शहर के लोग इस अद्भुत नजारे को देखने और अपने कैमरों में कैद करने के लिए पहुंच रहे हैं।
इन प्रवासी पक्षियों का सबसे ज्यादा जमावड़ा नालंदा महिला कॉलेज, नगर थाना परिसर, न्यायालय परिसर, जिला परिषद परिसर और शहर के कई पुराने पेड़ों पर देखा जा रहा है।
सुबह होते ही पक्षियों के झुंड भोजन की तलाश में आसपास के इलाकों की ओर निकल जाते हैं और शाम होते ही वापस अपने बसेरों पर लौट आते हैं। हजारों पक्षियों का एक साथ उड़ना लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है।
5000 किलोमीटर की अनोखी यात्रा
जानकारों के अनुसार ये पक्षी रूस के साइबेरिया स्थित आर्कटिक टुंड्रा क्षेत्रों से लंबी यात्रा तय कर भारत पहुंचते हैं। वहां कड़ाके की ठंड और भोजन की कमी के कारण ये गर्म और अनुकूल वातावरण वाले क्षेत्रों की तलाश में हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हैं।
बिहारशरीफ के पुराने पेड़, शांत वातावरण और सुरक्षित ठिकाने इन प्रवासी पक्षियों को हर साल अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
मौसम बदलते ही लौट जाएंगे अपने देश
विशेषज्ञों के मुताबिक ये पक्षी कई महीनों तक यहां रहकर भोजन और अनुकूल वातावरण का लाभ उठाते हैं। मौसम बदलने और प्रजनन का समय आने पर ये फिर साइबेरिया की ओर वापस लौट जाते हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने पेड़ों और हरित क्षेत्रों का संरक्षण किया जाए तो बिहारशरीफ आने वाले वर्षों में भी इन विदेशी मेहमानों का पसंदीदा ठिकाना बना रह सकता है।
फिलहाल हजारों साइबेरियन पक्षियों की मौजूदगी ने बिहारशरीफ को प्रकृति प्रेमियों के लिए एक खूबसूरत आकर्षण बना दिया है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: कभी नीतीश के करीबी दिखे छोटू सिंह, अब JDU से 6 साल का वनवास!
