धनबाद: धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में करीब 15 वर्षों बाद अदालत ने अपना अहम फैसला सुना दिया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 30 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अधिकतम 3 साल की सजा सुनाई है।
हालांकि, अदालत ने हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जमानत भी दे दी गई है और उन्हें 90 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में अपील करने की छूट दी गई है।
यह मामला 27 अप्रैल 2011 का है, जब बीसीसीएल के क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची पुलिस टीम और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। स्थिति बिगड़ने पर गोलीबारी हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को सुनने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 353 और 435 के तहत दोष सिद्ध किया।
गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी रहे पूर्व मंत्री ओपी लाल, बच्चा सिंह और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत कुल पांच लोगों का निधन हो चुका है।
करीब डेढ़ दशक तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले के साथ धनबाद के सबसे चर्चित मामलों में से एक का फिलहाल पटाक्षेप हो गया है।
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