पटना: बाढ़ सिविल कोर्ट परिसर में बुधवार को एक शादी को लेकर उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब कोर्ट मैरिज के लिए पहुंचे युवक ने शादी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। युवक ने आरोप लगाया कि उसकी जबरन शादी कराई गई है, जबकि युवती ने दावा किया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था और शादी उसकी सहमति से हुई है।
मामला बाढ़ थाना क्षेत्र का है। युवक नीतीश कुमार का आरोप है कि वह युवती की छोटी बहन ईशा से शादी करने के लिए तैयार था, लेकिन उसे धोखे से बड़ी बहन सीता देवी के साथ मंदिर में शादी करा दी गई।
नीतीश के अनुसार, दो महीने पहले एक रिश्तेदार की शादी में उसकी मुलाकात सीता देवी से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी। बुधवार को जब वह बेगूसराय के जीडी कॉलेज गया था, तब सीता देवी ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा। युवक का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद परिवार के लोगों ने उसे रोक लिया और रात में मारपीट कर गांव के एक मंदिर में उसकी जबरन शादी करा दी गई।
वहीं, सीता देवी का कहना है कि वह पहले से नीतीश को अपनी स्थिति के बारे में बता चुकी थीं। उन्होंने बताया कि उनका पहले विवाह हो चुका है और करीब 10 साल पहले तलाक हो गया था। उनकी एक बेटी भी है और वह पटना में निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती हैं। सीता ने दावा किया कि दोनों के बीच दो महीने से संबंध थे और उन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है।
इस मामले में लड़की पक्ष ने युवक पर 20 लाख रुपये दहेज मांगने का आरोप लगाया है। वहीं युवक पक्ष ने जबरन शादी कराने का आरोप लगाया है।
कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद वहां मौजूद गार्ड ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल बाढ़ थाना पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: बिहार में बेखौफ अपराध, पिता के सामने बेटे को गोली मारकर फरार हुए हमलावर!