आज का दिन मानवता और सेवा भावना की एक उत्कृष्ट मिसाल बन गया, जब थैलेसीमिया से पीड़ित मात्र 5 वर्षीय नादीरा नाज, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर केवल 3 ग्राम रह गया था, को समय पर रक्त मिल सका और उनकी जान बचाई जा सकी।
यह मुमकिन हो पाया “रक्तदान महादान समिति” की तत्परता और दो नव-रक्तदाताओं की संवेदनशीलता से। मोहम्मद अली नियाज़ी और रंजन नोनिया — इन दोनों ने मात्र एक कॉल पर सदर अस्पताल पहुँचकर तुरंत रक्तदान किया। यह उनका पहला रक्तदान था, जिसे उन्होंने नन्ही बच्ची की जान बचाने के लिए समर्पित किया।
इस पुनीत कार्य के साक्षी बने रक्तदान महादान समिति के सदस्य एवं दधीचि देहदान समिति के सचिव बलराम कुमार आनंद, ब्लड बैंक प्रभारी रणवीर कुमार सिंह, रीना चौधरी और पाठक जी।
इस मानवता भरे कार्य के लिए हम इन रक्तवीरों को हृदय से सलाम करते हैं और समाज से आग्रह करते हैं कि वे भी रक्तदान कर किसी ज़रूरतमंद की जान बचाने में अपना योगदान दें।
रक्तदान करें – जीवनदान दें।
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