नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर ने भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियां बटोर ली हैं। दुनिया के कई बड़े मीडिया संस्थानों ने इस घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किया है और इसे भारत में बढ़ते छात्र आंदोलन और सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देखा है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के लंबे आंदोलन, बढ़ते जनदबाव और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों से जोड़कर पेश किया गया है।
BBC ने लिखा- सरकार ने छात्रों के गुस्से का अंदाजा नहीं लगाया
ब्रिटिश मीडिया संस्थान BBC ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मोदी सरकार को इस बार छात्र आंदोलन की व्यापकता का सही अंदाजा नहीं लग पाया। रिपोर्ट में बताया गया कि शुरुआत में आंदोलन को नजरअंदाज किया गया, लेकिन जैसे-जैसे प्रदर्शन बढ़ा और देश के कई हिस्सों में छात्र सड़कों पर उतरे, सरकार पर दबाव बढ़ता गया।
BBC ने इस घटनाक्रम को मोदी सरकार के कार्यकाल में विरोध प्रदर्शनों के बीच एक अहम राजनीतिक मोड़ के तौर पर पेश किया।
द गार्जियन ने बताया बड़ा राजनीतिक संदेश
ब्रिटेन के द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में शामिल बताते हुए लिखा कि यह इस्तीफा सरकार पर बढ़ते सार्वजनिक दबाव के बीच आया बड़ा घटनाक्रम है।
रिपोर्ट में छात्र आंदोलन को युवाओं के बढ़ते आक्रोश और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से जोड़ा गया।
CNN ने कहा- छोटे विरोध से बड़ा आंदोलन बना
CNN ने इस आंदोलन के विस्तार को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआत में सीमित दिखने वाला विरोध धीरे-धीरे देशव्यापी आंदोलन में बदल गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर सामने आए।
न्यूयॉर्क टाइम्स और अल जजीरा की भी नजर
अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क टाइम्स और कतर आधारित अल जजीरा ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को प्रमुखता दी। रिपोर्टों में छात्र आंदोलन, NEET विवाद और सरकार पर बढ़ते दबाव को घटनाक्रम की मुख्य वजहों के रूप में बताया गया।
‘छात्र आंदोलन की जीत’ के रूप में मना रहे समर्थक
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद दिल्ली समेत कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों ने इसे अपनी मांगों की जीत बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह फैसला परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम है।
वहीं, राजनीतिक हलकों में इस इस्तीफे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सरकार की ओर से अब आगे की रणनीति और नए शिक्षा मंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्यों खास है यह घटनाक्रम?
NEET विवाद ने देशभर में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को केंद्र में ला दिया। लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
अब नजर इस बात पर है कि सरकार परीक्षा सुधारों को लेकर कौन-कौन से कदम उठाती है और आंदोलन कर रहे छात्रों की बाकी मांगों पर क्या फैसला होता है।