शेखपुरा: शहर का कांग्रेस आश्रम मंगलवार को सिर्फ एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और विचारों का संगम बन गया। मौका था डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती का, जिसे पूरे उत्साह, सम्मान और वैचारिक गंभीरता के साथ मनाया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव और कांग्रेस नेता राहुल कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता जुटे। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जहां हर चेहरा सम्मान और कृतज्ञता से भरा नजर आया।

इसके बाद शुरू हुई विचार गोष्ठी, जिसमें वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष से लेकर संविधान निर्माण तक की उनकी ऐतिहासिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि कैसे सामाजिक भेदभाव और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाकर न सिर्फ खुद को स्थापित किया, बल्कि पूरे देश को समानता और न्याय का रास्ता दिखाया।
जिला अध्यक्ष आनंदी कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब केवल एक वर्ग के नेता नहीं थे, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि आज जो हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार मिला है, वह बाबा साहेब की दूरदर्शिता का परिणाम है।

वहीं कांग्रेस नेता राहुल कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए बाबा साहेब के प्रसिद्ध मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज में बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है और इसके बिना सशक्त समाज की कल्पना अधूरी है।
कार्यक्रम में “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” विषय पर विशेष चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने वर्तमान समय में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया।
समारोह का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया, जब सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और उसके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। “बाबा साहेब अमर रहें” और “जय भीम-जय संविधान” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष शंकर बाबू, राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया, विपिन चौरसिया, प्रेम कुमार गुप्ता, पप्पू राज मंडल, प्रमोद यादव, अफसर खान, पिंटू कुमार, रामप्रसाद दास, सरवन सिंह, प्रखंड अध्यक्ष असलम, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मुस्ताक खान, मोआजम, केदार राम, विनोद सिन्हा, लखन महतो सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में मिठाई वितरण के साथ समापन हुआ, लेकिन बाबा साहेब के विचारों की छाप हर सहभागी के मन में गहराई तक छोड़ गई। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि था, बल्कि एक याद दिलाने वाला संदेश भी—कि समानता, शिक्षा और न्याय की राह पर चलना ही बाबा साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
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