पटना: शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही बिहार में माता रानी की भक्ति का माहौल छा गया है। रविवार, 11 अक्टूबर को नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। कहीं माता के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हैं, तो कहीं श्रद्धालु गंगा स्नान कर कलश में पवित्र जल भरते नजर आए। बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर से लेकर पटना के बड़ी और छोटी पटन देवी मंदिर तथा बक्सर और बेगूसराय के गंगा घाटों तक आस्था का नजारा देखने को मिला।
बांका के तिलडीहा दुर्गा मंदिर में माता के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां एक लाख से अधिक भक्तों के जलाभिषेक करने की बात कही गई है। वहीं पटना सिटी स्थित पटन देवी मंदिर में भक्तों की कतार करीब 200 मीटर तक पहुंच गई। बक्सर में श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद कलश में गंगाजल भरने के लिए घाट पर जुटे।
बांका के तिलडीहा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शारदीय नवरात्र के पहले दिन बांका जिले के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही तेज हो गई। श्रद्धालु माता के दर्शन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर करीब 18 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए तिलडीहा दुर्गा मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से माता के दरबार में जल अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही और दर्शन व्यवस्था महत्वपूर्ण बनी रही। एक लाख से अधिक भक्तों के जलाभिषेक का आंकड़ा उपलब्ध जानकारी पर आधारित है; इसकी आधिकारिक पुष्टि अलग से जरूरी है।
पटना के पटन देवी मंदिर में 200 मीटर लंबी कतार
राजधानी पटना में भी नवरात्र को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। पटना सिटी स्थित पटन देवी मंदिर को सजाया गया है। माता का विशेष श्रृंगार किया गया और सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे।
मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी रही। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, कतार करीब 200 मीटर तक पहुंच गई थी। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए माता के दर्शन और आरती में शामिल हुए।
नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़ी भीड़ से पूरे इलाके में धार्मिक माहौल बना रहा। भक्तों ने माता दुर्गा से सुख, शांति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
बक्सर और बेगूसराय के गंगा घाटों पर भीड़
नवरात्र में कलश स्थापना के लिए गंगाजल लाने की परंपरा के कारण बिहार के विभिन्न घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। बक्सर में श्रद्धालु गंगा स्नान करने और कलश में जल भरने के लिए घाट पहुंचे। घाटों पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही।
बेगूसराय के सिमरिया घाट पर भी गंगा स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचे। वहीं खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित नयागांव सीढ़ी गंगा घाट पर भक्तों ने कलश में गंगाजल भरा। सीवान के दुर्गा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं।
दस दिनों तक होगी माता की आराधना
इस वर्ष तिथियों की वृद्धि के कारण नवरात्र की अवधि दस दिनों की बताई गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त उपवास, मंत्र-जाप, दुर्गा सप्तशती पाठ और कलश स्थापना के माध्यम से माता की आराधना करते हैं।
नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर पूजा-अनुष्ठान शुरू करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कलश को सुख-समृद्धि, शांति और मंगल का प्रतीक माना जाता है।
हाथी पर माता के आगमन और विदाई की मान्यता
ज्योतिष विद्वान आचार्य राकेश झा के अनुसार, इस बार नवरात्र की शुरुआत रविवार को होने के कारण देवी मां का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। विजयादशमी बुधवार को होने के कारण देवी की विदाई भी हाथी पर होने की धार्मिक मान्यता बताई गई है।
देवी भागवत पुराण की मान्यताओं के अनुसार, हाथी पर देवी के आगमन और विदाई को सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और अच्छी वर्षा से जोड़कर देखा जाता है। ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है।
मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना से शुरू हुआ अनुष्ठान
आचार्य राकेश झा के मुताबिक, नवरात्र के पहले दिन वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना करने का विशेष महत्व है। इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत होती है।
श्रद्धालु माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं। मंदिरों में आरती, भजन और दुर्गा पाठ के साथ नवरात्र का उत्सव आगे बढ़ेगा।
बिहार में हर तरफ भक्तिमय माहौल
नवरात्र के पहले दिन बांका, पटना, बक्सर, बेगूसराय, खगड़िया और सीवान सहित कई जिलों के मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। कहीं माता का भव्य श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा, तो कहीं गंगाजल भरकर मंदिर पहुंचते भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं।
शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ बिहार के धार्मिक स्थलों पर रौनक बढ़ गई है। अगले दिनों में भी मंदिरों में पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रहने की उम्मीद है।
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