रामगढ़: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को रामगढ़ का छत्तरमांडू भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और आदिवासी अस्मिता के संदेश का साक्षी बना। उपायुक्त ऋतुराज ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके संघर्ष, त्याग एवं बलिदान को याद किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बिरसा मुंडा सिर्फ एक महान स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों और जल, जंगल व जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनके विचार आज भी समाज को अपने अधिकारों और विरासत के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, परंपरा, कला और विरासत को सम्मान देने का अवसर भी है। आदिवासी समुदाय ने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विकास के साथ विरासत बचाने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आदिवासी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को लेकर लगातार काम कर रहा है। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने जिलेवासियों से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज के समग्र विकास में भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने भी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
खास बात यह रही कि कार्यक्रम में श्रद्धांजलि के साथ आदिवासी समाज की पहचान और उसकी समृद्ध विरासत को संरक्षित रखने का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: लालू यादव को शाहनवाज हुसैन ने क्यों दे दी पार्टी भंग करने की सलाह?