पटना: बिहार की राजनीति में ‘कंगन विवाद’ ने नया राजनीतिक रंग ले लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राबड़ी देवी कभी हीरे के गहने नहीं पहनतीं और “हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होती।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में राबड़ी देवी ने लोक गायक छोटू छलिया को कंगन उपहार में दिए। बाद में गायक ने दावा किया कि ये कंगन हीरे के हैं, जिसके बाद जदयू (JDU) ने इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग उठाई।
इस बीच, सुनील सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि निशांत 12वीं पास हैं और कॉलेज छोड़ चुके हैं, इसलिए उन्हें इंजीनियर बताना गलत है। इस टिप्पणी पर जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ नोटिस जारी किया जाएगा।
गुरुवार को पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड पर आयोजित जन्मदिन समारोह में पारंपरिक ‘लौंडा नाच’ और लोक गीतों का आयोजन किया गया था। इसी दौरान छोटू छलिया ने तेजस्वी यादव के पुत्र इराज लालू यादव पर सोहर गीत प्रस्तुत किया, जिससे खुश होकर राबड़ी देवी ने अपने हाथों से कंगन उतारकर उन्हें दे दिए।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पल का स्वागत तालियों के साथ किया। छोटू छलिया ने इसे सम्मान बताते हुए कहा कि “आज के समय में भी लालू यादव और राबड़ी देवी जैसे लोग कलाकारों को सम्मान देते हैं।”
घटनाक्रम के बाद जदयू ने कंगन की खरीद, उसकी रसीद और कर संबंधित विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही, चुनाव आयोग और ED से जांच की बात कही गई है। वहीं, RJD ने इन आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज किया है।
लालू प्रसाद यादव लंबे समय से बिहार की लोक संस्कृति, विशेषकर ‘लौंडा नाच’ और पारंपरिक संगीत को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। उनके आवास पर इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन पहले भी होते रहे हैं।
फिलहाल, कंगन विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और टकराव देखने को मिल सकता है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar News : लालू यादव का 79वां जन्मदिन… लेकिन जश्न में कुछ ऐसा हुआ जो सबको चौंका गया!