पटना: पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। राजभवन मार्च के लिए निकले हजारों छात्रों और पुलिस के बीच जेपी गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहे तक जमकर टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।
छात्र सुबह करीब 10:30 बजे गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारी जैसे ही जेपी गोलंबर पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। पुलिस की ओर से छात्रों से वापस लौटने की अपील की गई, लेकिन छात्र राजभवन जाने की मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। हालात काबू में नहीं आने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को हटाने का प्रयास किया।
डाकबंगला चौराहे पर फिर आमने-सामने हुए छात्र-पुलिस
जेपी गोलंबर से आगे बढ़े छात्र डाकबंगला चौराहे पर पहुंच गए, जहां हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए। छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच फिर तनाव बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर भी हमला किया गया, जिसमें वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं बीजेपी का लोगो लगी कुछ गाड़ियों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
विधायक को भी विरोध का सामना करना पड़ा
प्रदर्शन के बीच बीजेपी विधायक के डाकबंगला चौराहे से गुजरने के दौरान छात्रों ने विरोध किया और उन्हें वहां से हटना पड़ा। बढ़ते तनाव को देखते हुए छात्रों को नियंत्रित करने के लिए CRPF और BSF की अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की गई।
छात्रों का आरोप- आवाज दबाने की कोशिश
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर कार्रवाई की बजाय छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया।
प्रदर्शन में शामिल छात्राओं और छात्रों ने कहा कि उनकी मांग केवल निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग दोहराई।
प्रशासन का दावा- स्थिति नियंत्रण में
वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित रास्ते से जाने की अपील की गई थी, लेकिन बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद कार्रवाई करनी पड़ी।
फिलहाल पटना के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात है। छात्र आंदोलन के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
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