मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब कांड ने हड़कंप मचा दिया है। अब तक इस घटना में 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है और 7 लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। वहीं 7 लोग इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। यह दर्दनाक घटना तुरकौलिया थाना क्षेत्र के परसौना गांव और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव की है।
इस बीच पुलिस की तत्परता से एक बड़ी त्रासदी टल गई। एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 700 लीटर स्प्रिट बरामद किया है, जिससे हजारों जिंदगियां बचने का दावा किया जा रहा है। अगर समय रहते इस जहरीले स्प्रिट को नहीं पकड़ा जाता, तो यह बड़े स्तर पर मौत का सौदागर बन सकता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने एसआईटी का गठन किया था, जिसने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि पिपराकोठी थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में शराब माफिया कन्हैया और राजा ने स्प्रिट का भंडारण किया था। इसके बाद यह जहरीला स्प्रिट विभिन्न सप्लायरों के जरिए अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया गया।
खुलासे के अनुसार, खलीफा और सुनील शाह ने इस स्प्रिट को आगे नागा राय और जम्मू बैठा को सप्लाई किया, जिन्होंने इसे परसौना और बालगंगा इलाके में शराब के रूप में बेचा। पुलिस ने इस मामले में राजा, जम्मू बैठा और नागा राय को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
बरामद स्प्रिट को जांच के लिए पटना भेजा गया, जहां रिपोर्ट में इसे ‘प्योर मेथनॉल’ पाया गया, जो अत्यंत खतरनाक और जानलेवा होता है।
घटना की सूचना मिलते ही बेतिया प्रक्षेत्र के डीआईजी हरिकिशोर राय मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात और जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल भी मौजूद रहे। पूरे इलाके में पुलिस की सघन गश्ती बढ़ा दी गई है और जांच जारी है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने एसआईटी टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। यह कार्रवाई जहां एक ओर अपराधियों के खिलाफ सख्ती का संदेश देती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की सतर्कता से बड़ी जनहानि टलने का भी संकेत देती है।
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