रांची: झारखंड सरकार राज्य में कारोबार को आसान बनाने और व्यापारियों को राहत देने के लिए जीएसटी कानून में बदलाव करने जा रही है। विधानसभा के मानसून सत्र में जीएसटी संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। विधेयक पारित होने के बाद झारखंड केंद्र के नए प्रावधानों के अनुरूप जीएसटी कानून में संशोधन लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। इससे पहले महाराष्ट्र में यह बदलाव किया जा चुका है।
राज्य सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को ज्यादा सरल, पारदर्शी और व्यापार के अनुकूल बनाना है। संशोधन लागू होने के बाद व्यापारियों को रिफंड प्रक्रिया में तेजी, निर्यात को बढ़ावा और टैक्स विवादों में कमी जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने पिछले बजट सत्र में जीएसटी अधिनियम में बदलाव किया था। राज्यों में इसे लागू करने के लिए वहां की सरकारों को अपने जीएसटी कानून में संशोधन करना जरूरी है। झारखंड सरकार पहले अध्यादेश के माध्यम से बदलाव लागू करने की तैयारी में थी, लेकिन विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने के बाद अब इसी सत्र में विधेयक लाने का निर्णय लिया गया है।
संशोधन के बाद बिक्री के बाद मिलने वाली छूट यानी पोस्ट सेल डिस्काउंट के नियम आसान होंगे। कंपनियां डिस्काउंट से जुड़े क्रेडिट नोट ज्यादा स्पष्ट तरीके से जारी कर सकेंगी, जिससे व्यापारियों और टैक्स अधिकारियों के बीच होने वाले विवाद कम होंगे।
इसके अलावा इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामलों में अंतरिम रिफंड की व्यवस्था की जाएगी। इससे कारोबारियों को कार्यशील पूंजी की समस्या से राहत मिल सकती है।
छोटे निर्यातकों के लिए भी नए प्रावधान फायदेमंद होंगे। निर्यात पर आईजीएसटी रिफंड के लिए न्यूनतम सीमा हटाने से छोटे दावों पर भी रिफंड की सुविधा मिल सकेगी। वहीं, सेवाओं की आपूर्ति से जुड़े नियमों में स्पष्टता आने से सेवा क्षेत्र के कारोबारियों को लाभ मिलेगा।
विधेयक पारित होने के बाद वाणिज्य कर विभाग जीएसटी पोर्टल और तकनीकी व्यवस्था में जरूरी बदलाव करेगा। अधिकारियों को नए नियमों के अनुसार प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि जीएसटी संशोधन से झारखंड में ईज ऑफ डुइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और कारोबारियों के लिए टैक्स प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
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