अयोध्या: आस्था, राजनीति, और अब… एक ऐसी हाई-प्रोफाइल चोरी, जिसने अयोध्या से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है। राम मंदिर के ‘रामराज्य कोष’ से करोड़ों रुपये के चढ़ावे पर हाथ साफ करने वाले सफेदपोश सेवादारों के पाप का घड़ा फूट चुका है। एक तरफ विशेष जांच दल (SIT) काउंटिंग रूम के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही है, तो दूसरी तरफ अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के बुलडोजर आरोपियों के नए मकानों का ‘नक्शा’ बिगाड़ने के लिए तैयार खड़े हैं।
इस पूरे महा-घोटाले की परतें अब प्याज की तरह छिल रही हैं, और इसमें शामिल हर बड़े-छोटे किरदार का बयान और रुख इस मामले को और भी दिलचस्प बना रहा है। आइए देखते हैं, इस पूरे घटनाक्रम पर किसने क्या कहा और किसका क्या दावा है:
ट्रस्टियों के बीच ‘महाभारत’: अपनों ने ही उठाए अपनों पर सवाल
इस महा-चोरी ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर की गुटबाजी को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। पहली बार किसी बड़े ट्रस्टी ने खुलकर अपने ही साथी पर ठीकरा फोड़ा है।
महंत दिनेंद्र दास महाराज (ट्रस्टी, राम मंदिर)
“पूरी की पूरी गलती गोपाल राव की है। वे मंदिर में सिर्फ और सिर्फ राजनीति कर रहे हैं और उन्होंने ही सबको इस जाल में उलझा दिया है। वे उत्तर प्रदेश के नहीं हैं, कर्नाटक के हैं और राम की परंपरा को भी नहीं मानते। सारा किया-धरा उन्हीं का है।”
‘सफेदपोश’ चोरों के घर और भाई का ‘कैश-फ्लो’
जांच एजेंसियों ने जब आरोपियों के घरों पर रेड मारी, तो उनके ऐशो-आराम और लाइफस्टाइल को देखकर पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं।
- अविनाश शुक्ला (मुख्य आरोपी): यह महाशय मंदिर में चढ़ावे की गिनती करते थे और घर पर ‘योग केंद्र’ चलाते थे। इनके यहाँ से 20.39 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के जेवरात मिले हैं। पुलिस ने इन्हें 24 घंटे की रिमांड पर लिया है।
- भाई का वीडियो: इसी बीच अविनाश के भाई अमित शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहा है, जिसमें वह फिल्मी स्टाइल में नोटों की गड्डियां हाथ में थामे दिख रहा है। पुलिस इस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कर रही है।
- बुलडोजर की एंट्री: आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के अवैध रूप से बन रहे आलीशान मकानों पर कभी भी बुलडोजर चल सकता है। लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को ADA का नोटिस थमाया जा चुका है।
‘छोटे बनाम बड़े’: आरोपियों के परिजनों की गुहार
जब पाप का भंडाफोड़ हुआ, तो मुख्य कड़ियों के इस्तीफे (चंपत राय और अनिल मिश्रा) के बाद अब छोटे प्यादों के परिवार खुद को फंसाए जाने का दावा कर रहे हैं।
दिनेश यादव (आरोपी टिन्नू यादव का भाई)
“मेरा भाई टिन्नू बिल्कुल निर्दोष है। मंदिर के ये बड़े लोग (चंपत राय और अनिल मिश्रा) खुद को इस महा-घोटाले से बचाने के लिए हमारे जैसे छोटे लोगों को बलि का बकरा बना रहे हैं। उन्होंने मेरे भाई को जानबूझकर फंसाया है।”
राजकुमार पांडे (आरोपी लवकुश का पड़ोसी)
“लवकुश ने पिछले साल फरवरी में इस घर का भूमि पूजन किया था, हमें भी बुलाया था। वह अपनी बाइक से अक्सर काम देखने आता था। लेकिन राम मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है, इस पवित्र जगह पर ऐसा घिनौना अपराध करने वाले को कोई माफी नहीं मिलनी चाहिए।”
वकीलों का ‘इंसाफ मार्च’: “FIR से कम कुछ मंजूर नहीं”
अयोध्या के 500 से अधिक वकीलों ने आज सिविल लाइन और राम जन्मभूमि थाने का घेराव कर दिया। वकीलों का साफ कहना है कि चोरी सिर्फ नौकरों ने नहीं की, बल्कि ट्रस्ट के कप्तानों की शह पर हुई है।
कालिका प्रसाद मिश्रा (अध्यक्ष, फैजाबाद बार एसोसिएशन)
“हम अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुके हैं, जहां से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। हमने पुलिस को चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत 4 लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दे दी है। पुलिस ने कहा है कि वे FIR दर्ज करेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम न्यायालय का सहारा लेकर इन्हें जेल भिजवाएंगे।”
एडवोकेट सत्य प्रकाश मौर्य (प्रदर्शनकारी वकील)
“एक समय था जब अयोध्या का नाम पूरी दुनिया में गर्व से गूंज रहा था, लेकिन आज इन चोरों की वजह से लोग हमें बुरी नजर से देख रहे हैं। इस ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए और इसमें नए व ईमानदार लोगों को शामिल किया जाए।”
विपक्ष का ‘तीर’ और सरकार का ‘बचाव’: सियासी घमासान
इस धार्मिक घोटाले पर देश की राजनीति का खौलना लाजिमी था। पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी तीर हवा में तैर रहे हैं:
अरविंद केजरीवाल (पूर्व मुख्यमंत्री, दिल्ली)
“श्री राम मंदिर में इतने बड़े-बड़े घोटाले हो गए मोदी जी, आपको पता कैसे नहीं चला? सच तो ये है कि आपको सब कुछ पता था, लेकिन आप धृतराष्ट्र बने रहे। और जब देश के सामने सच आने लगा, तो आपने लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए फर्जी SIT बना दी।”
पृथ्वीराज चव्हाण (वरिष्ठ कांग्रेस नेता)
“मोदी और अमित शाह ने देश के पूरे लोकतांत्रिक सिस्टम को पैसे के दम पर भ्रष्ट कर दिया है। जब आप पूरे तंत्र को ही भ्रष्ट बना देंगे, तो फिर भगवान राम का मंदिर भी इससे अछूता कैसे रह सकता है?”
केशव प्रसाद मौर्य (डिप्टी सीएम, उत्तर प्रदेश)
“राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए जिन लोगों ने परम तपस्वियों की तरह काम किया है, उनमें चंपत राय सहित तमाम लोग शामिल हैं। उन सबको इस घटना से गहरी पीड़ा है। अखिलेश यादव और विपक्ष इस मुद्दे पर ओछी राजनीति कर रहे हैं। योगी सरकार में नियम साफ है- जो चोरी करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी और वो बख्शा नहीं जाएगा।”
दिल्ली दरबार और संघ (RSS) की पैनी नजर
यह मामला कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के पास इस पूरे मामले की 3 पन्नों की सीक्रेट रिपोर्ट पहुंच चुकी है।
नरेश बंसल (भाजपा सांसद, दिल्ली)
“राम मंदिर के चंदे में जो भी हेराफेरी हुई है, SIT को उसकी तह तक जाना चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी होना बेहद जरूरी है क्योंकि यह देश के करोड़ों लोगों की विश्वसनीयता का सवाल है।”
क्राइम डायरी: अब आगे क्या?
- 6 जुलाई: कारसेवकपुरम में राम मंदिर ट्रस्ट की एक आपात और बेहद अहम बैठक होने जा रही है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर मुहर लग सकती है और नए चेहरों की एंट्री हो सकती है।
- 15 जुलाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को ‘लापरवाही और जिम्मेदारी न निभाने’ का दोषी माना जा सकता है, जिसके बाद इन दिग्गजों पर भी सीधे FIR की तलवार लटक जाएगी।
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