पटना: बिहार में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मुंबई से भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के टेक्निकल असिस्टेंट रोशन कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि परीक्षा के दौरान वह जैमर कंपनी के कर्मचारी की पहचान का इस्तेमाल कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचा था।
EOU की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मुंबई के ट्रॉम्बे स्थित BARC परिसर से रोशन कुमार को पकड़ा। नालंदा जिले के कंकड़िया गांव निवासी रोशन पर आरोप है कि AEDO परीक्षा के दौरान प्रश्नों की आंसर-की लीक करने और उसे आगे पहुंचाने में उसकी भूमिका थी।
जैमर स्टाफ की आड़ में परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का आरोप
जांच में सामने आया है कि रोशन कुमार परीक्षा केंद्र की गतिविधियों तक पहुंच बनाने के लिए जैमर कंपनी के स्टाफ के रूप में अंदर दाखिल हुआ था। अब EOU यह पता लगाने में जुटी है कि उसे आंसर-की कहां से मिली और परीक्षा के नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे।
सूत्रों के अनुसार, रोशन के पास परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तर मौजूद थे। इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए EOU उससे पूछताछ कर रही है।
सोहसराय सेंटर से शुरू हुई थी जांच
AEDO परीक्षा मामले की जांच नालंदा के सोहसराय स्थित पीएल साहू हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से भी जुड़ी हुई है। इसी सेंटर से बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों समेत कई संदिग्धों को पकड़ा गया था।
जांच एजेंसी पहले ही इस मामले में कई गिरफ्तारियां कर चुकी है। बायोमेट्रिक कंपनी से जुड़े कर्मचारियों और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद अब BARC कर्मचारी तक जांच की कड़ी पहुंची है।
11 लाख अभ्यर्थियों वाली परीक्षा पर लगा था दाग
AEDO भर्ती परीक्षा में करीब 11 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा में पेपर लीक और ब्लूटूथ डिवाइस से नकल के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। मामले में बिहार के कई जिलों में FIR दर्ज है और अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है।
EOU अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड कौन है और परीक्षा से पहले प्रश्नों की जानकारी कैसे बाहर पहुंची।
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