हजारीबाग: बाहर से बंद एक साधारण सा कमरा… गांव में सब कुछ सामान्य दिख रहा था। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इसी कमरे के भीतर ‘नशे का पहाड़’ छिपा हुआ है।
बुधवार की देर रात जब पुलिस की टीम रसोईधमना गांव पहुंची, तो माहौल बिल्कुल शांत था। गुप्त सूचना के आधार पर पहुंचे अधिकारियों ने एक ऐसे कमरे की पहचान की, जो बाहर से ताला लगाकर बंद कर दिया गया था। शक गहराया, और फिर शुरू हुई असली कहानी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जैसे ही ताला तोड़ा गया, अंदर का नजारा देख पुलिस टीम भी कुछ पल के लिए हैरान रह गई। कमरे में प्लास्टिक के बोरे एक के ऊपर एक रखे थे। जब एक-एक बोरे की जांच हुई, तो खुलासा हुआ कि ये कोई साधारण सामान नहीं, बल्कि अफीम का डोडा है।
मौके पर ही तराजू मंगवाया गया और गिनती शुरू हुई—एक, दो, तीन… कुल 47 बोरे। जब पूरा वजन किया गया तो आंकड़ा पहुंचा 697 किलोग्राम। यानी एक ऐसा जखीरा, जो पूरे इलाके में नशे का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर सकता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह खेप किसी बड़े तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकती है, जिसे या तो बाहर भेजने की तैयारी थी या फिर लोकल सप्लाई के लिए स्टोर किया गया था।
अब इस खुलासे के बाद पुलिस ने तस्करों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। कई संदिग्धों की पहचान की जा रही है और लगातार छापेमारी चल रही है।
SDPO राधा प्रेम किशोर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है और इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
गांव में अब भी उस कमरे की चर्चा है, जहां बाहर से ताला लगा था… लेकिन अंदर छिपा था नशे का पूरा कारोबार।
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