लखीसराय: कभी फाइलों में उलझा रहने वाला वेतन, इस बार डीएम के एक सख्त कदम से सीधे शिक्षकों के खातों में पहुंच गया। लखीसराय में महीनों से लंबित चल रहे मई 2026 के वेतन को लेकर परेशान माध्यमिक शिक्षकों को आखिरकार राहत मिल ही गई।
दरअसल, बुधवार को बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ (बीएसटीए) का प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार से मिला। शिक्षकों ने साफ शब्दों में बताया कि राज्य के अधिकांश जिलों में वेतन जारी हो चुका है, लेकिन लखीसराय में अब तक भुगतान नहीं हुआ, जिससे परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
डीएम ने इस शिकायत को हल्के में नहीं लिया। बैठक खत्म होते ही शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा के डीपीओ को सख्त निर्देश दिए गए। नतीजा—जिस काम में हफ्तों लग जाते हैं, वह गुरुवार को ही पूरा हो गया और विभिन्न कोटि के माध्यमिक शिक्षकों के खातों में वेतन ट्रांसफर कर दिया गया।
इस त्वरित कार्रवाई ने एक संदेश भी दे दिया कि अगर मंशा साफ हो तो सरकारी सिस्टम की रफ्तार तेज हो सकती है। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों—अध्यक्ष राम किंकर सिंह, सचिव राम लोचन सिंह और संयुक्त सचिव डॉ. ओमप्रकाश—ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया।
संयुक्त सचिव डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि समय पर वेतन मिलना शिक्षकों के लिए केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक राहत भी है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम और डीपीओ (स्थापना) दुर्गा प्रसाद यादव को भी धन्यवाद दिया।
लखीसराय का यह मामला सिर्फ वेतन भुगतान की खबर नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो समस्याओं का समाधान “फाइल से फील्ड” तक कितनी तेजी से पहुंच सकता है।
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