शेखपुरा: जिले में मंगलवार को प्रभारी मंत्री सह सामाजिक कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता ने सहयोग शिविरों का दौरा कर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने साफ कहा कि अब जनता की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर हर हाल में किया जाएगा, नहीं तो लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
जिला अतिथिशाला में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने बताया कि पहले समस्याओं के समाधान के लिए कोई तय समय सीमा नहीं होती थी, लेकिन अब सरकार ने अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए 30 दिन की समयसीमा निर्धारित कर दी है। अगर तय समय में समाधान नहीं होता और अधिकारी संतोषजनक कारण नहीं बता पाते हैं, तो उन्हें स्वतः निलंबित माना जाएगा।
मंत्री ने इन सहयोग शिविरों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। राज्यभर में हर महीने के तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर ये शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
पटना से शेखपुरा पहुंचने के बाद मंत्री सबसे पहले बरबीघा प्रखंड के सर्वा पंचायत में आयोजित शिविर में शामिल हुईं। इसके बाद उन्होंने मेहूस समेत कई पंचायतों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मंत्री ने बताया कि शिविरों में सबसे ज्यादा शिकायतें हर घर नल योजना को लेकर आ रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के लोगों की हर समस्या उनकी अपनी समस्या है और उसके समाधान के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा और जो भी अधिकारी जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अपने विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से जानकारी दी।
मौके पर विधायक रणधीर कुमार सोनी, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. अर्जुन प्रसाद, भुवनेश्वर प्रसाद, प्रमोद चंद्रवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, सरकार अब सहयोग शिविरों के जरिए प्रशासनिक जवाबदेही तय कर जनता को त्वरित राहत देने के मूड में नजर आ रही है।
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