लखीसराय: बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग सह लखीसराय के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभा कक्ष में “सहयोग शिविर” की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले भर में लगाए गए शिविरों के संचालन, प्रगति और उनके प्रभाव का गहन मूल्यांकन किया गया।
बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने सहयोग शिविरों की तैयारियों और संचालन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर कर्मियों की तैनाती की गई थी और उनकी उपस्थिति की रोजाना निगरानी की जाती थी। साथ ही, वरीय अधिकारियों द्वारा लगातार पंचायतों का निरीक्षण कर शिविरों की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई। हर दिन शाम 6 से 7 बजे के बीच समीक्षा बैठक भी आयोजित होती थी।
डीएम ने यह भी बताया कि शिविरों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया था, जिसके माध्यम से आवेदकों की समस्याओं पर लगातार नजर रखी जा रही थी।
समीक्षा के दौरान मंत्री सुनील कुमार ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन में सभी कर्मियों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि आम लोगों को जानकारी मिल सके। साथ ही, सभी योजनाओं की जानकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करने का भी निर्देश दिया।
मंत्री ने बताया कि अब तक शिविरों में सबसे अधिक आवेदन राजस्व और आवास योजनाओं से जुड़े प्राप्त हुए हैं। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि किसी भी आवेदन को बिना उचित जांच के खारिज न किया जाए।
इसके अलावा, नल-जल योजना में सुधार के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के सभी अधिकारी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें। साथ ही, शिविरों के प्रभाव का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधार भी किए जाएं।
बैठक में विधायक सूर्यगढ़ा रामानंद मंडल, पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी मो. मुस्तकीम, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभूनाथ, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार सहित सभी प्रखंडों के शिविर प्रभारी उपस्थित रहे।
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