लखीसराय/पटना: बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनगणना 2027 को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे पहले चरण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जनगणना सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की नीतियों और योजनाओं की नींव है। इसलिए इसे पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी मकान की गणना छूटनी नहीं चाहिए और न ही किसी प्रकार का दोहराव होना चाहिए।
बैठक में परगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे शत-प्रतिशत सही और त्रुटिरहित मकान गणना सुनिश्चित करें। इसके लिए चार्ज पदाधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने और कार्य की निगरानी करने का आदेश दिया गया। साथ ही, चयनित परिवारों का पुनः सत्यापन कर डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के बाद लखीसराय के जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से जनगणना कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
इस दौरान बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रामविनोद प्रसाद यादव सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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