नालंदा: बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में रविवार को आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधिवत रूप से मलमास मेला का उद्घाटन किया। ब्रह्मकुंड परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और ध्वजारोहण के साथ मेले की शुरुआत हुई, जिसके साथ ही पूरा राजगीर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
यह मेला आगामी 15 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस मेले में राजगीर के 22 पवित्र गर्म कुंड और 52 धाराओं में स्नान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन कुंडों में स्नान करने से व्यक्ति के पाप और कष्ट दूर हो जाते हैं।
मलमास मेले में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल और श्रीलंका से भी साधु-संत और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है।
मेले के सफल आयोजन के लिए पर्यटन विभाग और नालंदा जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर जू सफारी का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मलमास मेला न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है।
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