लखीसराय: जिला पदाधिकारी नीरज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अभियोजन व्यवस्था की सुस्ती पर कड़ा रुख अपनाया गया। साफ शब्दों में निर्देश दिया गया कि अब लंबित मामलों में देरी नहीं चलेगी—हर स्तर पर तेज़ और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि न्यायालयों में लंबित वादों का जल्द निष्पादन प्राथमिकता बने। खास तौर पर साक्ष्य और बहस के स्तर पर अटके मामलों को तुरंत निपटाने पर जोर दिया गया, ताकि आम लोगों को न्याय के लिए लंबे इंतजार से राहत मिल सके।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि हर मामले की अद्यतन स्थिति की नियमित समीक्षा होनी चाहिए और समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति (DLMC) में सही आकलन किया जा सके।
लोक अभियोजकों और विशेष लोक अभियोजकों को निर्देश दिया गया कि वे हर महीने अपनी रिपोर्ट समय पर जमा करें। साथ ही, आरोप गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने, अभियुक्तों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और वारंट-नोटिस के तामिला में ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी सामने आया कि जब तक पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय नहीं होगा, तब तक न्यायिक प्रक्रिया की रफ्तार नहीं बढ़ेगी। इस पर डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि सभी विभाग मिलकर काम करें, तभी सिस्टम में सुधार संभव है।
अंत में उन्होंने दो टूक कहा—“न्याय में देरी, न्याय से इनकार के बराबर है”, इसलिए हर हाल में प्रक्रिया को तेज़ और परिणामोन्मुख बनाना होगा।
ये खबर भी पढ़े: Bihar News : पटना में खेल सिस्टम की क्लास, “टैलेंट तराशो या जवाब दो”—प्रशिक्षकों को सख्त संदेश!
