लखीसराय के एक छोटे से गांव वृंदावन में रविवार को कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां स्कूल का परिसर “न्याय की पाठशाला” में तब्दील हो गया, जहां बुजुर्गों को उनके अधिकार और मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लखीसराय की ओर से आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में नालसा की “वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवा योजना 2016” पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम उत्क्रमित मध्य विद्यालय, वृंदावन में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बुजुर्गों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विधानन्द सागर ने लोगों को सरल भाषा में समझाया कि अगर किसी भी तरह की कानूनी समस्या हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि व्यवहार न्यायालय परिसर, लखीसराय में हर कार्य दिवस पर समाधान केंद्र और फ्रंट ऑफिस के जरिए लोगों को निःशुल्क सहायता दी जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि अब लोग घर बैठे भी टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल कर कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा खासकर बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम की सराहना की। मुखिया प्रतिनिधि मोहमद इरफान ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांवों में जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी हैं।
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकार मित्रों की सक्रिय भागीदारी रही। मंच संचालन लोक गायक सह अधिकार मित्र पंकज भारती ने किया, जिससे कार्यक्रम और भी रोचक बन गया।
इस पहल ने यह साबित कर दिया कि अब न्याय सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक पहुंच रहा है—खासतौर पर उन बुजुर्गों के लिए, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
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