लखीसराय में आगामी 2 से 12 मई 2026 तक आयोजित होने वाले 11 दिवसीय श्री श्री 1008 महाविष्णु यज्ञ को लेकर गुरुवार को भव्य पारंपरिक अनुष्ठान के साथ शुभारंभ किया गया। दिनकर-सूर्य नारायण घाट स्थित किऊल नदी तट पर वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे श्रद्धा भाव से अनुष्ठान में भाग लिया।
ध्वजारोहण से पूर्व विद्वान आचार्यों द्वारा भूमि पूजन, मंत्रोच्चार और देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। इसके बाद भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ देवता के प्रतीक चिन्ह से अंकित ध्वजा को विधिवत स्थापित किया गया। पूरे वातावरण में “बजरंग बली की जय” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे धार्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
महाविष्णु यज्ञ के संयोजक वरीय अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि यह यज्ञ विश्व शांति, भारत की समृद्धि और लखीसराय जिले में सुख-शांति की कामना को लेकर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि यज्ञ स्थल के समीप किऊल नदी में भगवान शिव के शिवलिंग का भी प्राकट्य हुआ है, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है।
ध्वजारोहण के उपरांत यज्ञमंडप निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों का निर्धारण करते हुए बच्चों और महिलाओं के मनोरंजन, देवी-देवताओं की प्रतिमा निर्माण और स्थापना के लिए भी स्थान तय कर कार्य शुरू किया गया है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष गरीब राम, उपाध्यक्ष अर्जुन मंडल, सचिव डॉ. मनोहर कुमार, कोषाध्यक्ष त्रिपुरारी मंडल और महामंत्री नृपेंद्र यादव सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि इस बार यज्ञ को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जिससे आने वाले दिनों में यज्ञ को लेकर और भी बड़ी भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar News : लखीसराय में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जागरूकता कार्यक्रम, महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को दिया सशक्तिकरण का संदेश!
