लखीसराय जिले में महिला एवं बाल विकास निगम तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत “सखी वार्ता” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रामगढ़ चौक प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, नोनगढ़ में संपन्न हुआ, जिसमें छात्राओं के साथ-साथ ग्रामीण समुदाय की महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी की।

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कार्यक्रम का उद्घाटन पंचायत मुखिया जुली देवी, हब के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता गौरम्मा सिन्हा, विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरेंद्र कुमार तथा लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

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इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष एवं लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक लाख रुपये तक जुर्माना और दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। समाज को इसे हर हाल में रोकने के लिए आगे आना होगा।

सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी ने महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तर पर संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे निःशुल्क कानूनी, चिकित्सीय और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने 181 हेल्पलाइन सहित अन्य टोल-फ्री नंबरों की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता लेने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान पंचायत मुखिया जुली देवी ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक शपथ दिलाई। साथ ही छात्राओं के बीच स्वच्छता प्रबंधन किट का वितरण भी किया गया। अपने संबोधन में मुखिया ने कहा कि बाल विवाह बेटियों के शारीरिक और मानसिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इससे न तो परिवार का भला होता है और न ही समाज का। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं।

कार्यक्रम का संचालन जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने किया, जबकि समापन विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरेंद्र कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
