पटना/बाढ़: बिहार में पटना स्नातक सीट के एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह और जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के रोड शो को लेकर प्रशासन ने तीन प्राथमिकी दर्ज कराई हैं। इनमें दो मामले बाढ़ थाने में और एक मामला मोकामा थाने में दर्ज होने की जानकारी है। रोड शो के दौरान आचार संहिता, अनुमति की शर्तों और प्रशासनिक आदेशों के कथित उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है।
इस घटनाक्रम से चुनावी माहौल में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
रोड शो पर प्रशासन का शिकंजा, बाढ़ में दो FIR
मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ थाने में दर्ज दो प्राथमिकी में आचार संहिता के उल्लंघन और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने से जुड़े आरोप शामिल हैं। वहीं, मोकामा थाने में प्रशासनिक आदेशों की कथित अवहेलना को लेकर एक अन्य मामला दर्ज कराया गया है।
अनंत सिंह के रिश्तेदार कर्मवीर सिंह के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस संबंधित मामलों में रोड शो की अनुमति, निर्धारित शर्तों और आयोजन के दौरान हुई गतिविधियों की जांच कर रही है।
10 गाड़ियों की अनुमति, रोड शो में 11 JCB से फूल बरसाने का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, रोड शो के लिए 10 गाड़ियों की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाढ़ में आयोजन के दौरान 11 जेसीबी मशीनों से फूल बरसाए जाने का आरोप है। इसी मामले को लेकर कर्मवीर सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की जानकारी दी गई है।
रोड शो में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। काफिले में करीब 50 चारपहिया वाहन और सैकड़ों समर्थकों के मौजूद रहने का दावा किया गया है। स्वागत के लिए हाथी और खुली जीप का भी इंतजाम किया गया था।
अब जांच का अहम बिंदु यह होगा कि आयोजन में निर्धारित अनुमति और प्रशासनिक शर्तों का पालन किया गया था या नहीं।
अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे अनंत सिंह
इस पूरे विवाद के बीच अनंत सिंह की राजनीतिक भूमिका भी चर्चा में है। पटना स्नातक सीट से जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। इसके बावजूद अनंत सिंह अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते नजर आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अनंत सिंह ने नीरज कुमार को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा था कि वह उनकी जमानत जब्त करवा देंगे। उनके इस रुख से जदयू के भीतर राजनीतिक मतभेदों की चर्चा तेज हुई है।
जब उनसे निशांत कुमार के नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि निशांत पार्टी के मालिक हैं और कहीं भी जा सकते हैं।
नीरज कुमार ने भी साधा निशाना
अनंत सिंह के बयान पर जदयू नेता नीरज कुमार ने पलटवार किया था। उन्होंने अनंत सिंह की टिप्पणी पर तंज कसते हुए कहा कि निशांत कुमार को चुनाव प्रचार के लिए किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
इस बयानबाजी ने पार्टी के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। एक ओर अनंत सिंह अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं, वहीं जदयू का आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार हैं।
नीतीश कुमार के लिए कुर्बानी देने का दावा
अनंत सिंह ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने नीतीश कुमार और पार्टी के लिए बहुत कुछ कुर्बान किया है। उन्होंने कहा था कि मुश्किल राजनीतिक दौर में भी वह नीतीश कुमार के साथ खड़े रहे।
वहीं, नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने को लेकर विजय सिन्हा ने भी टिप्पणी की थी। इस पर अनंत सिंह ने पलटवार करते हुए अपनी सभाओं में जुटने वाली भीड़ को लेकर सवाल उठाए थे।
अब जांच पर टिकी नजरें
रोड शो को लेकर दर्ज तीनों प्राथमिकी के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और चुनावी गतिविधियों पर नजरें टिक गई हैं। पुलिस अनुमति की शर्तों, आचार संहिता और प्रशासनिक आदेशों के कथित उल्लंघन की जांच कर रही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और संबंधित पक्षों के जवाब से इस विवाद की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
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