पटना: बिहार की राजनीति में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के एक बयान ने हलचल बढ़ा दी है। जन सुराज के एमएलसी प्रत्याशी अनुज सिंह को लेकर फेसबुक लाइव में उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही, अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह पर भी निशाना साधा। पप्पू यादव ने पुराने मामले का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा, न्याय और राजनीति में आपराधिक छवि वाले लोगों को मिल रहे समर्थन पर सवाल उठाए।
9वीं की छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, पुराने मामले का किया जिक्र
फेसबुक लाइव के दौरान पप्पू यादव ने अपने पास बैठे एक व्यक्ति का परिचय कथित पीड़ित परिवार से जुड़े व्यक्ति के रूप में कराया। सांसद ने दावा किया कि अनुज सिंह पर करीब 14 साल पहले नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक लड़की से छेड़छाड़ का आरोप लगा था।
लाइव में मौजूद व्यक्ति ने भी आरोप लगाया कि घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। उसने दावा किया कि तत्कालीन डीजीपी अभयानंद के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई हुई। उसके मुताबिक, यह मामला पिछले कई वर्षों से अदालत में लंबित है और अंतिम फैसले का इंतजार है।
हालांकि, ये आरोप फेसबुक लाइव में लगाए गए दावों पर आधारित हैं। मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी है। आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
अनंत सिंह पर बरसे पप्पू यादव, मीडिया को भी घेरा
अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों के पक्ष में प्रचार को लेकर मीडिया और राजनीतिक हलकों में सवाल क्यों नहीं उठाए जाते।
सांसद ने आरोप लगाया कि मेलों और डांडिया कार्यक्रमों में अनुज सिंह की तस्वीर दिखाकर उनके समर्थन में वोट मांगे जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर मामला इतने वर्षों से चल रहा है, तो इसे पहले प्रमुखता से क्यों नहीं उठाया गया।
पप्पू यादव ने इस पूरे विवाद को महिलाओं की सुरक्षा और राजनीति में जवाबदेही के मुद्दे से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
बेटी को कैद रखने और दामाद की हत्या का भी दावा
फेसबुक लाइव के दौरान पप्पू यादव ने एक वीडियो का हवाला देते हुए अनुज सिंह पर अपनी बेटी को दो महीने तक कैद में रखने का आरोप लगाया। उन्होंने यह दावा भी किया कि अनुज सिंह के दामाद की हत्या करवाई गई थी।
ये बेहद गंभीर आरोप हैं। उपलब्ध खबर में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित पक्षों का विस्तृत जवाब शामिल नहीं है। इसलिए इन आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय पप्पू यादव के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बिहार में अपराध और महिला सुरक्षा पर सरकार से सवाल
पप्पू यादव ने बिहार में अपराध की घटनाओं, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के मामलों में कार्रवाई और आम लोगों के मामलों में कार्रवाई के बीच अंतर दिखाई देता है।
उन्होंने नशे के कारोबार में नेताओं और अधिकारियों की कथित भूमिका का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा, लोकगायिका नेहा सिंह राठौड़ से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन में उनके साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए।
नेताओं की संपत्ति की जांच कराने की चुनौती
अपने बयान में पप्पू यादव ने नेताओं की संपत्ति की जांच का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सांसद और विधायक रहे जनप्रतिनिधियों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपनी संपत्ति की जांच से शुरुआत करने की चुनौती भी दी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच आरोपों की पुष्टि अहम
अनुज सिंह को लेकर पप्पू यादव के बयान ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर सांसद ने पुराने मामले और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए, तो दूसरी ओर उनके दावों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित हुए तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति समझने के लिए संबंधित रिकॉर्ड, पुलिस का पक्ष और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी अहम होगी।
ये खबर भी पढ़े: मोतिहारी में पति को बंधक बनाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दशहरा मेला देखकर लौट रहा था दंपती; 8 आरोपी गिरफ्तार!