पटना: बिहार की राजधानी पटना में आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) से जुड़े छात्र-युवा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत से रिहाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
इस आंदोलन में शेखपुरा के आइसा नेता रिक्की खान भी शामिल रहे। हिरासत में लिए जाने के बाद भी उन्होंने अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प जताया। रिक्की खान ने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से भाजपा को परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्र-युवा भाजपा से इस्तीफा नहीं मांग रहे, बल्कि चुनाव आयोग के प्रमुख से सवालों के जवाब चाहते हैं।
‘चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष है तो सवालों का जवाब दीजिए’
रिक्की खान ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों की जांच कराने और चुनाव आयोग को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की मांग की। उनका कहना था कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि जनता का अधिकार है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की जरूरत पर जोर दिया।
‘हिरासत से हमारा हौसला कमजोर नहीं हुआ’
रिक्की खान ने कहा कि हिरासत में लिए जाने से आंदोलनकारियों का हौसला कमजोर नहीं हुआ है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही। उनके मुताबिक, छात्र-युवा नेताओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग उठाई। उनके नारों में चुनाव आयोग से जवाब देने, लोकतंत्र का सम्मान करने और वोट से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग शामिल रही।
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