शेखपुरा: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। नेउरा-जटडुमरी नई रेल लाइन पर रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के बाद ट्रेन परिचालन की स्वीकृति दे दी है। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया गया। इस रेलखंड के चालू होने से पटना को बाईपास करते हुए बिहारशरीफ, बरबीघा, शेखपुरा और किऊल के रास्ते मालगाड़ियों के परिचालन का मार्ग तैयार होगा।
20 किलोमीटर लंबे रेलखंड का निरीक्षण पूरा
रेलवे के अनुसार, दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले नेउरा-जटडुमरी रेलखंड का मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण किया। इस दौरान रेल लाइन पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल भी किया गया।
निरीक्षण के बाद संरक्षा और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए जाने पर इस रेलखंड पर ट्रेन परिचालन शुरू करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इससे नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।
42 किलोमीटर की परियोजना के दोनों चरण
नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर है। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, परियोजना के पहले चरण में जटडुमरी से दनियावां तक 22.74 किलोमीटर लंबे रेलखंड का काम पूरा किया गया था। इस हिस्से पर पहले से ही ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।
परियोजना के दूसरे चरण में नेउरा से जटडुमरी के बीच शेष करीब 20 किलोमीटर रेलखंड का निर्माण पूरा किया गया। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, इस रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण 8 अक्टूबर 2026 को किया गया था।
पटना को बाईपास कर गुजरेंगी मालगाड़ियां
नई रेल लाइन के चालू होने से मालगाड़ियों को पटना होकर गुजरने की अनिवार्यता से राहत मिल सकेगी। प्रस्तावित मार्ग के तहत मालगाड़ियां नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा-किऊल के रास्ते आवागमन कर सकेंगी।
इससे दानापुर-पटना-किऊल-झाझा मुख्य रेल लाइन पर मालगाड़ियों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्य रेल मार्ग पर दबाव कम होने से यात्री ट्रेनों के परिचालन की योजना बनाने के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकती है।
यात्री ट्रेनों के लिए भी खुल सकता है रास्ता
रेलवे के अनुसार, नई रेल लाइन से माल परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। इससे व्यस्त दानापुर-पटना-किऊल-झाझा रेलखंड पर परिचालन प्रबंधन आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
मुख्य लाइन पर दबाव घटने से भविष्य में नई पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, नई यात्री ट्रेनों के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय रेलवे की योजना और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर होगा।
नेउरा-जटडुमरी रेलखंड को परिचालन की स्वीकृति मिलने से बिहार में माल परिवहन के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग विकसित करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। अब इस मार्ग के उपयोग से मालगाड़ियों के परिचालन और मुख्य रेल लाइन पर पड़ने वाले दबाव में होने वाले बदलाव पर नजर रहेगी।
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