प्रयागराज: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में तैनात एक दरोगा पर रिश्वत मांगने का ऐसा आरोप लगा है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। आरोप है कि दरोगा ने एक व्यक्ति का नाम शराब तस्करी के मुकदमे से हटवाने के बदले नकदी के साथ दो गाय, एक भैंस और जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता मांगा। इसके अलावा कुर्सी-मेज खरीदने के नाम पर 35 हजार रुपये मांगने का भी आरोप है। मामले में हरियाणा के हिसार मंडल के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्राथमिकी दर्ज की है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रयागराज STF में तैनात दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ हरियाणा के हिसार जिले के ब्यानाखेड़ा गांव निवासी मनवीर सिंह उर्फ मन्नू ने शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज शराब तस्करी के मामले से नाम हटाने के बदले उनसे अलग-अलग चीजों और रकम की मांग की गई।
बताया गया है कि शिकायतकर्ता ने 17 फरवरी 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट भी जांच एजेंसी को सौंपे। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के बाद 6 अक्टूबर 2026 को दरोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
कब और क्या मांगने का आरोप लगा?
शिकायत के मुताबिक, फरवरी में फोन पर दो गाय भेजने की बात कही गई थी। बाद में एक और गाय, एक भैंस तथा जर्मन शेफर्ड कुत्ते की मांग किए जाने का आरोप है। इसके साथ कुर्सी और मेज खरीदने के नाम पर 35 हजार रुपये मांगने की बात भी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्टों में शिकायतकर्ता की ओर से 45 ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी ने कथित तौर पर उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की।
किस मामले से जुड़ा है विवाद?
रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता का नाम प्रयागराज के नवाबगंज थाने में दर्ज शराब तस्करी के एक मामले में आया था। इसी मामले से नाम हटाने के बदले रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया गया है।
फिलहाल, दरोगा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामले की आगे की जांच की जानी है। आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
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