मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचल के अंचल अधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेश के अनुसार, प्रशासनिक लापरवाही, कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर अनियमितता और भू-माफियाओं से कथित सांठगांठ जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह के हस्ताक्षर से निलंबन आदेश जारी किया गया है।
140 दिन तक लंबित रखे नामांतरण आवेदन का आरोप
जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में सीओ के खिलाफ लगाए गए कई आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नामांतरण यानी म्यूटेशन के कई आवेदनों को बिना पर्याप्त कारण लंबे समय तक लंबित रखा गया। आरोप है कि कुछ मामलों में यह अवधि करीब 140 दिनों तक पहुंच गई।
सबसे गंभीर मामलों में दाखिल-खारिज वाद संख्या 5451/2024-2025 का भी उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में मृत महिला मालती देवी के नाम से कथित फर्जी आपत्ति स्वीकार किए जाने और दस्तावेजों में हेरफेर कर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप सामने आए।
विशेष शाखा की रिपोर्ट में भू-माफियाओं से कनेक्शन का जिक्र
विभागीय आदेश में पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर हुई जांच में सीओ पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए दाखिल-खारिज प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और भू-माफियाओं से कथित मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आने की बात कही गई है।
इन आरोपों के अलावा आरटीआई के तहत समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने, विभागीय जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने और नियमित राजस्व प्रतिवेदन नहीं भेजने जैसे आरोप भी जांच में सामने आए।
सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में भी लापरवाही का आरोप
विभागीय कार्रवाई केवल दाखिल-खारिज तक सीमित नहीं है। आदेश के अनुसार, परिमार्जन प्लस, ऑनलाइन भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, अभियान बसेरा-2 और आधार सीडिंग जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सीओ पर गंभीर शिथिलता बरतने का आरोप है।
यानी जिस अंचल कार्यालय पर जमीन से जुड़े मामलों और सरकारी राजस्व योजनाओं को समय पर लागू कराने की जिम्मेदारी थी, वहीं अधिकारी पर कामकाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए।
निलंबन के बाद छपरा बना मुख्यालय
राज्य सरकार ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम-9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि में महेंद्र कुमार शुक्ला का मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमंडल, छपरा निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा।
अब पुराने दाखिल-खारिज मामलों पर भी नजर
सीओ के निलंबन के बाद अब उनके कार्यकाल के दौरान हुए अन्य संदिग्ध भूमि और दाखिल-खारिज मामलों की भी जांच की संभावना बढ़ गई है।
खासकर उन मामलों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है जिनमें जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव, नामांतरण, दस्तावेजों की वैधता या आपत्तियों के निस्तारण को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल सरकार की इस कार्रवाई ने मुशहरी अंचल समेत मुजफ्फरपुर के राजस्व महकमे में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, निलंबन विभागीय कार्रवाई है और लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष आगे की जांच और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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