गोपालगंज: बिहार में शराबबंदी के बीच शराब तस्करी के लिए अपनाए जा रहे तरीकों का एक और मामला सामने आया है। गोपालगंज में उत्पाद पुलिस ने एक ऐसी बोलेरो पकड़ी है, जिसमें पांच महिलाएं और एक पुरुष चालक सवार थे। पहली नजर में सबकुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन वाहन की जांच के दौरान उसका वजन सामान्य से अधिक मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया। इसके बाद बोलेरो की गहन तलाशी ली गई तो अंदर छिपाकर रखी गई 216 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई।
पांच महिलाएं… एक चालक और बढ़ा हुआ वजन
मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के पहाड़पुर ओवरब्रिज के पास का है। उत्पाद पुलिस की टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक बोलेरो को रोककर जांच की गई।
बोलेरो में पांच महिलाएं और एक पुरुष चालक मौजूद था। शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे तत्काल शराब तस्करी का संदेह हो। लेकिन जब वाहन का वजन कराया गया तो वह सामान्य से अधिक निकला।
यही बात पुलिस के लिए अहम सुराग बनी।
वजन ने बदला जांच का रुख
वजन अधिक मिलने के बाद उत्पाद पुलिस ने वाहन की सामान्य जांच से आगे बढ़कर गहन तलाशी शुरू की। टीम ने बोलेरो के अंदर मौजूद हिस्सों को बारीकी से खंगाला।
तलाशी के दौरान वाहन के अंदर छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। शराब की मात्रा सामने आते ही पुलिस ने बोलेरो को जब्त कर लिया और उसमें सवार सभी छह लोगों को हिरासत में ले लिया।
216 लीटर विदेशी शराब बरामद
उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार के अनुसार, बोलेरो से कुल 216 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। बरामद शराब की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
कार्रवाई के बाद शराब और बोलेरो को जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पांच महिलाएं और एक पुरुष गिरफ्तार
उत्पाद पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच महिला आरोपियों और एक पुरुष चालक समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी गोपालगंज जिले के जादोपुर थाना क्षेत्र के दुखहरण टोला के रहने वाले बताए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अब शराब के नेटवर्क की तलाश
216 लीटर शराब की बरामदगी के बाद उत्पाद विभाग की जांच अब सिर्फ बोलेरो और उसमें सवार लोगों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर शराब के स्रोत और संभावित डिलीवरी प्वाइंट तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
वजन की जांच बनी कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी
इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि शुरुआत में वाहन की स्थिति सामान्य नजर आ रही थी। लेकिन वजन सामान्य से अधिक मिलने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया, जिसके बाद शराब की बड़ी खेप बरामद हो गई।
गोपालगंज उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि शराब तस्करी के मामलों में सिर्फ बाहरी जांच के बजाय वाहनों की बारीकी से जांच कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
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