हाजीपुर: हाजीपुर नगर परिषद की सभापति संगीता कुमारी से जुड़े आरोपों ने अब जांच का रूप ले लिया है। शिकायत में प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर कथित आय से अधिक संपत्ति और रिश्तेदारों के नाम संपत्ति अर्जित करने तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सबसे बड़ा आरोप यह है कि सभापति की सास के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाकर कथित तौर पर करीब 70 लाख रुपये से अधिक का आलीशान मकान तैयार कराया गया।
मामला अब सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं है। तिरहुत प्रक्षेत्र के आयुक्त के निर्देश के बाद वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। टीम की अध्यक्षता सहायक समाहर्ता कर रहे हैं और सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
शिकायत से जांच तक पहुंचा मामला
हाजीपुर नगर परिषद के पूर्व वार्ड सदस्य सुभाष कुमार निराला ने सभापति पर अनियमितता, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, रिश्तेदारों के नाम कथित बेनामी संपत्ति खरीदने और प्रधानमंत्री आवास योजना के कथित दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता ने मामले को लेकर डीएम से लेकर कमिश्नर तक शिकायत की थी।
अब आयुक्त के निर्देश के बाद प्रशासन ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है। जांच टीम ने शिकायतकर्ता को भी बुलाया, जहां उन्होंने अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही है।
70 लाख के मकान का दावा, जांच में खुलेगा राज
शिकायत में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के बाद करीब 70 लाख रुपये से अधिक कीमत का मकान तैयार कराया गया। इसके अलावा सभापति की संपत्ति और रिश्तेदारों के नाम कथित संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच टीम दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाते हैं या नहीं और उसके आधार पर क्या कार्रवाई होती है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पांच सदस्यीय जांच टीम के गठन से नगर परिषद में हलचल जरूर तेज हो गई है और सबकी नजर अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
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