मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के ऐतिहासिक गांधी संग्रहालय की दीवार पर सोमवार को कथित तौर पर आपत्तिजनक और राजनीतिक टिप्पणी लिखे जाने का मामला सामने आया। जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दीवार पर लिखे गए संदेश को पेंट कर ढकवा दिया। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर लेखन करने वाले संदिग्ध की पहचान में जुटी है।
बताया गया कि गांधी संग्रहालय के पिछले हिस्से में नरसिंह बाबा मंदिर की ओर स्थित दीवार पर अज्ञात लोगों द्वारा कई विवादित टिप्पणियां लिखी गई थीं। इनमें आरएसएस को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी भी लिखे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस लेखन के पीछे कौन लोग हैं और इसका उद्देश्य क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
मामले की जानकारी मिलने के बाद नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दीवार पर लिखी गई आपत्तिजनक टिप्पणी को पेंट लगाकर ढकवा दिया। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच शुरू कर दी गई है।
थानाध्यक्ष के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर संदिग्ध की पहचान करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दीवार पर यह लेखन किसने और किस उद्देश्य से किया।
ऐतिहासिक स्थल होने के कारण लोगों में नाराजगी
घटना की जानकारी फैलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने ऐतिहासिक और सार्वजनिक स्थल की दीवार पर राजनीतिक या विवादित टिप्पणी लिखे जाने पर आपत्ति जताई और प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मोतिहारी का गांधी संग्रहालय चंपारण सत्याग्रह से जुड़े चित्रों और अवशेषों को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। संग्रहालय परिसर में 48 फीट ऊंचा गांधी स्मारक स्तंभ भी स्थित है, जो 1917 में चंपारण सत्याग्रह से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग की स्मृति से जुड़ा है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे ऐतिहासिक स्थल की दीवारों का इस्तेमाल किसी भी तरह के राजनीतिक विवाद के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और विवादित लेखन करने वालों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दीवार पर लिखी गई टिप्पणी के पीछे कौन लोग थे और उनका उद्देश्य क्या था।
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