भारत/जापान: भारतीय खेल जगत के लिए 20वें एशियन गेम्स 2026 का उद्घाटन समारोह एक खास तस्वीर लेकर आया। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पवन शेरावत ने भारत के पुरुष ध्वजवाहक के रूप में तिरंगा थामकर भारतीय दल का नेतृत्व किया। उनके साथ स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने महिला ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। एशियन गेम्स के इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पवन शेरावत का तिरंगे के साथ आगे बढ़ना भारतीय कबड्डी के लिए भी गौरव का क्षण रहा।
पवन शेरावत लंबे समय से भारतीय कबड्डी की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। कबड्डी के मैदान पर अपनी तेजतर्रार खेल शैली और शानदार प्रदर्शन के लिए पहचान बनाने वाले पवन के लिए ध्वजवाहक की जिम्मेदारी मिलना उनके खेल करियर के एक महत्वपूर्ण सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने भारतीय दल की अगुवाई करते हुए देश की खेल शक्ति और खिलाड़ियों के उत्साह का प्रतिनिधित्व किया।
तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह मिली जिम्मेदारी
उद्घाटन समारोह में भारत के पुरुष ध्वजवाहक की जिम्मेदारी पहले एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर को दी गई थी। हालांकि, आधिकारिक समारोह के लिए जरूरी उनकी किट समय पर उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण उनकी जगह पवन शेरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद पवन शेरावत ने भारतीय दल के पुरुष ध्वजवाहक के रूप में उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया।
भारत के लिए यह दृश्य इसलिए भी खास रहा, क्योंकि आमतौर पर किसी बड़े बहु-खेल आयोजन में ध्वजवाहक की भूमिका देश के प्रमुख खिलाड़ियों को मिलने वाला सम्मान मानी जाती है। पवन शेरावत ने तिरंगा हाथ में लेकर भारतीय दल का नेतृत्व किया तो कबड्डी से जुड़े खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और समर्थकों के बीच उत्साह देखने को मिला।
कबड्डी के मैदान से एशियन गेम्स के मंच तक
पवन शेरावत की पहचान सिर्फ एक सफल कबड्डी खिलाड़ी के तौर पर नहीं है, बल्कि उन्होंने भारतीय कबड्डी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खेल के मैदान पर उनकी उपलब्धियों और प्रदर्शन ने उन्हें देश के चर्चित कबड्डी खिलाड़ियों में जगह दिलाई। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पवन के लिए अब भारत के ध्वजवाहक के रूप में सामने आना उनके करियर में एक और यादगार अध्याय जुड़ने जैसा है।
एशियन गेम्स में कबड्डी भारत के प्रमुख खेलों में शामिल रही है और इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हमेशा चर्चा में रहा है। ऐसे में कबड्डी के एक स्टार खिलाड़ी को उद्घाटन समारोह में पूरे भारतीय दल के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलना इस खेल की लोकप्रियता और भारतीय खेल जगत में उसकी मजबूत पहचान को भी दर्शाता है।
बिहार कबड्डी एसोसिएशन ने दी बधाई
पवन शेरावत के इस सम्मान पर बिहार कबड्डी एसोसिएशन के चेयरमैन कुमार विजय सिंह ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने पवन शेरावत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय दल के ध्वजवाहक के रूप में तिरंगा थामना देश और कबड्डी जगत के लिए गर्व की बात है।
कुमार विजय सिंह ने पवन शेरावत के इस सम्मान को भारतीय कबड्डी के लिए महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय कबड्डी खिलाड़ियों की पहचान लगातार मजबूत हो रही है और पवन शेरावत जैसे खिलाड़ी देश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
एक तस्वीर, कई मायने
उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामे पवन शेरावत की मौजूदगी ने भारतीय खेल प्रेमियों का ध्यान खींचा। कबड्डी के मैदान में विरोधियों को चुनौती देने वाले पवन जब भारत के ध्वज के साथ पूरे भारतीय दल की अगुवाई करते नजर आए, तो यह पल उनके व्यक्तिगत सफर के साथ-साथ भारतीय कबड्डी के लिए भी खास बन गया।
एक खिलाड़ी के लिए देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन उसी खिलाड़ी का किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के उद्घाटन समारोह में तिरंगा लेकर पूरे दल की अगुवाई करना सम्मान का अलग स्तर माना जाता है। पवन शेरावत ने इस जिम्मेदारी को संभालकर भारतीय कबड्डी की तस्वीर को एशियन गेम्स के भव्य मंच पर एक बार फिर प्रमुखता से सामने रखा।
कबड्डी के मैदान का सितारा जब तिरंगा थामकर भारतीय दल के आगे चला, तो यह सिर्फ पवन शेरावत का सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय कबड्डी की बढ़ती पहचान का भी एक यादगार पल बन गया।
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