गया: हाथ में बांस से बना छोटा सा ‘बम्बू बैंक’, सामने विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर और लोगों से सिर्फ 1-1 रुपये सहयोग की अपील… शनिवार को बोधगया में यह नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। मलेशिया, ताइवान समेत कई देशों से आए विदेशी पर्यटक महाबोधि मंदिर के बाहर खड़े होकर लोगों से नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग मांगते नजर आए।
विदेशी पर्यटकों को इस तरह बम्बू बैंक लेकर लोगों के बीच खड़ा देखकर मंदिर आने-जाने वाले लोगों की नजरें भी उन पर टिक गईं। आमतौर पर बोधगया में धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने वाले विदेशी पर्यटक इस बार एक अलग उद्देश्य के साथ लोगों के बीच पहुंचे थे।
बताया गया कि ये पर्यटक बोधगया की सुची फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं। संस्था की ओर से नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पर्यटकों ने लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-छोटी रकम सहयोग के रूप में देने की अपील की।
उनका संदेश साफ था—मदद के लिए बड़ी रकम जरूरी नहीं है। अगर बड़ी संख्या में लोग अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा-थोड़ा सहयोग करें तो वही छोटी रकम मिलकर जरूरतमंदों के लिए बड़ी सहायता बन सकती है।
विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी जुड़े
इस अभियान की खास बात यह रही कि केवल विदेशी पर्यटक ही लोगों से सहयोग मांगते नजर नहीं आए, बल्कि स्थानीय लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया। महाबोधि मंदिर के बाहर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार बम्बू बैंक में पैसे डाले।
सबसे अलग दृश्य तब देखने को मिला, जब मंदिर के आसपास रहने वाले कुछ स्थानीय भिखारियों ने भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार बम्बू बैंक में पैसे डालकर नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई। आर्थिक रूप से सीमित होने के बावजूद उनका सहयोग करना वहां मौजूद लोगों के लिए प्रेरणादायक दृश्य बन गया।
‘एक रुपया भी किसी के लिए बड़ी मदद’
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ धन जुटाना नहीं, बल्कि लोगों को यह संदेश देना भी है कि आपदा के समय छोटी से छोटी मदद भी महत्वपूर्ण हो सकती है। एक व्यक्ति अगर सिर्फ एक रुपया देता है और ऐसे हजारों लोग आगे आते हैं, तो यह राशि जरूरतमंदों तक पहुंचने वाली बड़ी सहायता में बदल सकती है।
विदेशी पर्यटकों ने बताया कि नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों को इस समय सहायता की आवश्यकता है। इसी भावना के साथ वे बोधगया में लोगों के बीच जाकर सहयोग जुटा रहे हैं। उनका प्रयास है कि जितना संभव हो सके, उतनी सहायता राशि एकत्र की जाए।
बोधगया से नेपाल तक पहुंचा मदद का संदेश
बोधगया दुनियाभर से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में महाबोधि मंदिर के बाहर विदेशी पर्यटकों की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
बांस से बने छोटे-छोटे बम्बू बैंक में जमा होते सिक्के और नोट यह संदेश देते नजर आए कि किसी आपदा के समय मदद की शुरुआत छोटी रकम से भी की जा सकती है। इस अभियान में अलग-अलग देशों से आए लोगों के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इसे और खास बना दिया।
महाबोधि मंदिर के बाहर शनिवार को दिखाई दिया यह दृश्य धार्मिक पर्यटन से अलग मानवीय सहयोग की एक तस्वीर पेश कर रहा था। विदेशी पर्यटक लोगों से सहयोग मांग रहे थे और स्थानीय लोग अपनी क्षमता के अनुसार उसमें योगदान दे रहे थे। इस पूरी पहल का उद्देश्य नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाना बताया गया है।
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