सुपौल: दिल्ली में हुई लाखों-करोड़ों की चोरी की जांच जब बिहार के सुपौल पहुंची, तो पुलिस के सामने ऐसा राज खुला जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। दिल्ली पुलिस की टीम ने प्रतापगंज पुलिस के साथ सुखानगर वार्ड-3 में छापेमारी की। मुख्य आरोपी अनिल कामत पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया, लेकिन उसके ठिकाने से 4 लाख 34 हजार 650 रुपये नकद और सोने-हीरे के आभूषणों के 115 आइटम बरामद कर लिए गए।
जमीन के नीचे छिपा था चोरी का सामान
पुलिस के मुताबिक, घर की तलाशी के दौरान पहले भूसा घर से लाखों रुपये नकद मिले। इसके बाद घर में मौजूद महिला से पूछताछ की गई। पूछताछ के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी के जेवर जमीन में छिपाकर रखे गए हैं।
इसके बाद पुलिस ने बताए गए स्थान पर खुदाई शुरू कराई। जमीन के अंदर से जेवरात से भरा बैग निकलते ही पुलिस टीम भी हैरान रह गई। बैग की तलाशी में सोने और हीरे के आभूषण समेत कुल 115 सामान मिले।
दिल्ली से भागकर ससुराल में बनाया था ठिकाना?
वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार के अनुसार, अनिल कामत मूल रूप से सुपौल के मरौना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस का दावा है कि दिल्ली के तिमारपुर थाना क्षेत्र में अनिल गुप्ता और अनुज गुप्ता के घर चोरी के बाद चोरी का सामान उसके ससुराल सुखानगर लाकर छिपाया गया था।
हालांकि, बरामद जेवरात की वास्तविक कीमत और दिल्ली की चोरी से उनके संबंध की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और मूल्यांकन के बाद होगी।
मुख्य आरोपी फरार, ससुर गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान अनिल कामत मौके से भाग निकला। वहीं पुलिस ने उसके ससुर देव चन्द्र साह को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस बरामद नकदी, जेवरात और गिरफ्तार आरोपी को अपने साथ ले गई है।
पुलिस के अनुसार बरामद सोने-हीरे के आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि दिल्ली से चोरी हुआ सामान सुपौल तक कैसे पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एक तरफ दिल्ली पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है, तो दूसरी तरफ सुपौल में जमीन के नीचे से निकला जेवरों का बैग इस चोरी कांड की कई नई कड़ियां जोड़ रहा है।
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