कटिहार: चारों तरफ बाढ़ का पानी, डूबे हुए रास्ते और मुश्किलों से घिरी जिंदगी… लेकिन इन हालात के बीच कटिहार में इंसानियत और भाईचारे की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने बाढ़ की त्रासदी के बीच उम्मीद की रोशनी दिखाई। अमदाबाद प्रखंड की बाढ़ प्रभावित दुर्गापुर पंचायत में तीज के मौके पर मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ता शेख मुसौवर नाव पर सवार होकर उन इलाकों तक पहुंचे, जहां सड़क और सामान्य आवागमन बाढ़ के पानी में बाधित है। उन्होंने अपने निजी स्तर से तीज व्रत रखने वाली महिलाओं के बीच साड़ी, फल और पूजा सामग्री से सजी तीज की थालियां पहुंचाईं।
पानी से घिरे गांव में तीज की तैयारी बनी चुनौती
अमदाबाद प्रखंड इन दिनों बाढ़ की मार झेल रहा है। दुर्गापुर पंचायत के कई गांव और टोले पानी से घिरे हैं। सामान्य दिनों में जहां लोग सड़क के रास्ते आसानी से एक-दूसरे तक पहुंचते हैं, वहीं बाढ़ के कारण नाव ही आवाजाही का प्रमुख सहारा बनी हुई है।
ऐसे हालात में तीज जैसा पर्व मनाना व्रती महिलाओं के लिए चुनौती बन गया था। पूजा के लिए जरूरी सामग्री जुटाना और बाजार तक पहुंचना मुश्किल था। इसके बावजूद भवानीपुर गांव की भागीरथी देवी, मानती देवी समेत कई महिलाओं ने तीज व्रत की तैयारी जारी रखी।
मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाई जिम्मेदारी
इसी बीच शेख मुसौवर ने बाढ़ प्रभावित महिलाओं तक तीज की जरूरी सामग्री पहुंचाने का फैसला किया। वे नाव पर सवार हुए और बाढ़ से घिरे इलाकों में पहुंचे। उनके साथ तीज पूजा के लिए जरूरी फल, साड़ी और अन्य पूजन सामग्री थी।
नाव जब भवानीपुर गांव पहुंची और महिलाओं को तीज की सामग्री दी गई तो उनके चेहरे पर खुशी दिखाई दी। बाढ़ के बीच पर्व की तैयारी के लिए सामान मिलने पर महिलाओं ने शेख मुसौवर को दुआ और आशीर्वाद दिया।
बाढ़ के पानी के बीच दिखा सामाजिक सौहार्द
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि बाढ़ से परेशान महिलाओं की जरूरत को धर्म और समुदाय से ऊपर रखकर मदद पहुंचाई गई। तीज व्रत रखने वाली महिलाओं तक एक मुस्लिम सामाजिक कार्यकर्ता का नाव से पहुंचना इलाके में आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की तस्वीर पेश करता नजर आया।
जहां बाढ़ ने लोगों के बीच सड़क का संपर्क तोड़ दिया है, वहीं इस पहल ने यह संदेश दिया कि मुश्किल वक्त में इंसानियत के रिश्ते सबसे मजबूत होते हैं। एक ओर महिलाएं तीज की पूजा की तैयारी कर रही थीं, तो दूसरी ओर उन्हें जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए नाव सैलाब के बीच रास्ता बना रही थी।
नाव पर पूजा की थाली, गांव में लौटी त्योहार की रौनक
बाढ़ प्रभावित गांव में तीज की पूजा सामग्री पहुंचने के बाद महिलाओं के लिए पर्व की मुश्किलें कुछ आसान हुईं। साड़ी, फल और पूजन सामग्री मिलने से व्रती महिलाओं में उत्साह नजर आया। महिलाओं ने शेख मुसौवर के इस प्रयास के लिए आभार जताया और उन्हें दुआएं दीं।
शेख मुसौवर का कहना है कि बाढ़ के कारण जिन लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, उनके बीच पर्व की खुशियां पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने निजी स्तर पर तीज व्रतियों तक सामग्री पहुंचाई।
पानी का सैलाब बड़ा था, लेकिन इंसानियत उससे बड़ी निकली
कटिहार के बाढ़ प्रभावित दुर्गापुर पंचायत से सामने आई यह तस्वीर सिर्फ तीज पर्व की कहानी नहीं है। यह उस सामाजिक रिश्ते की तस्वीर है, जो मुश्किल समय में और मजबूत दिखाई देता है।
सड़कें डूबीं तो नाव चली, रास्ते बंद हुए तो इंसानियत आगे बढ़ी और बाढ़ के बीच तीज की थाली व्रती महिलाओं तक पहुंच गई।
कटिहार के भवानीपुर गांव की यह कहानी बताती है कि प्राकृतिक आपदा भले ही लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दे, लेकिन एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का जज्बा मुश्किल से मुश्किल हालात में भी रास्ता बना लेता है।
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