पटना: राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। गंगा किनारे के कई इलाकों में नदी का पानी अब सड़कों तक पहुंच गया है। भद्र घाट, महावीर घाट और कंगन घाट के आसपास करीब तीन फीट तक पानी सड़क पर बह रहा है, जबकि कंगन घाट क्षेत्र में पानी घरों में घुसने से करीब एक हजार घर प्रभावित बताए जा रहे हैं। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से गंगा नदी और घाटों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं। प्रशासन ने भद्र घाट, महावीर घाट और कंगन घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी है। इसके बावजूद कई लोग खतरे की परवाह किए बिना घाटों और नदी के आसपास पहुंच रहे हैं।
रोक के बावजूद ओवरलोड नावों का परिचालन
सबसे गंभीर स्थिति कच्ची दरगाह से राघोपुर के बीच देखने को मिल रही है। नाव परिचालन पर रोक के निर्देश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग नावों के सहारे गंगा पार करते नजर आ रहे हैं। कई नावों पर उनकी क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को सवार देखा जा रहा है।
तेज बहाव के बीच ओवरलोड नावों का परिचालन किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। नावों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की स्थिति में खतरा और बढ़ गया है। प्रशासनिक रोक के बावजूद नावों का संचालन जारी रहने से निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मजिस्ट्रेट तैनात, फिर भी नहीं थम रहा नाव परिचालन
पटना सिटी अनुमंडल पदाधिकारी कशिश बक्शी के निर्देश पर निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद नावों का परिचालन जारी रहना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
तीन फीट पानी में जिंदगी बेहाल
कंगन घाट इलाके में सड़क पर करीब तीन फीट पानी जमा होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों में पानी प्रवेश कर चुका है। बुजुर्ग, बीमार और छोटे बच्चों को घर से बाहर निकलने में भारी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में पर्याप्त नावों की व्यवस्था अभी नहीं हो पाई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल नाव उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
बच्चों को लेकर गंगा स्नान करने पहुंच रहे लोग
प्रशासन की ओर से अभिभावकों से स्पष्ट अपील की गई है कि बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए छोटे बच्चों को लेकर गंगा स्नान के लिए घाटों पर न जाएं। बावजूद इसके कई लोग बच्चों के साथ गंगा स्नान करते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि कुछ महिलाएं खतरे को भांपते हुए बिना स्नान किए ही वापस लौटती नजर आईं। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि गंगा के बढ़े जलस्तर को हल्के में न लें और नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
‘लापरवाही पड़ सकती है भारी’
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और तेज बहाव के कारण स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में लोगों की छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से नदी व घाटों की ओर नहीं जाने की अपील की है।
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