गया/जहानाबाद: बिहार में पुलिसकर्मियों की लापरवाही और अनुशासनहीनता पर अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। गया में ड्यूटी से गैरहाजिर मिले दो दारोगा और 12 पुलिसकर्मियों को SSP सुशील कुमार ने निलंबित कर दिया। वहीं जहानाबाद के कड़ौना थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा को भी मगध रेंज के IG विकास वैभव ने निलंबित किया है।
औचक जांच में खुली ड्यूटी से गैरहाजिरी की पोल
गया पुलिस केंद्र में हुई औचक जांच के दौरान कई पुलिसकर्मी निर्धारित ड्यूटी पर नहीं मिले। जांच में सामने आया कि संबंधित पुलिसकर्मी अवकाश पर गए थे, लेकिन तय समय पर ड्यूटी पर वापस योगदान नहीं किया।
SSP ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दो पुलिस अवर निरीक्षक और 12 सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। साथ ही पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के प्रति अनुशासित और सजग रहने की चेतावनी दी गई है।
जमीन विवाद में थानेदार पर कार्रवाई
उधर जहानाबाद के कड़ौना थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा पर जमीन विवाद से जुड़े मामले में पद के कथित दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक विवादित जमीन को लेकर एक पक्ष के समर्थन में एकतरफा हस्तक्षेप और गया के बांकेबाजार थानाध्यक्ष से कथित अमर्यादित व्यवहार का मामला सामने आया था।
मामले की शिकायत वरीय अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी और मगध रेंज के IG विकास वैभव ने कड़ौना थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
लापरवाही पर साफ संदेश
लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों से पुलिस महकमे में यह संदेश गया है कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता या पद के कथित दुरुपयोग को लेकर वरिष्ठ अधिकारी सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
गया में 14 पुलिसकर्मियों के निलंबन और जहानाबाद में थानाध्यक्ष पर कार्रवाई ने पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर अधिकारियों के सख्त रुख को सामने ला दिया है।
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