समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में निगरानी विभाग की टीम ने रोसड़ा अनुमंडल की DCLR कंचन कुमारी झा को कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जमीन विवाद से जुड़े मामले को निपटाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। कार्रवाई के दौरान उनके आवास से करीब 13 लाख रुपये नकद बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक विभूतिपुर निवासी मनोज कुमार महतो से जमीन विवाद से जुड़े केस में राहत देने के बदले 2 लाख रुपये नकद और वॉशिंग मशीन की मांग किए जाने का आरोप है। शिकायत के बाद निगरानी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की।
सरकारी आवास पर पहुंची निगरानी टीम
गुरुवार सुबह करीब 9 बजे निगरानी विभाग की टीम दो वाहनों से DCLR के सरकारी आवास पहुंची। उस समय कंचन कुमारी झा आवास पर मौजूद थीं। टीम ने कार्रवाई के दौरान परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी।
तलाशी के दौरान जमीन विवाद से जुड़े मामलों की फाइलें, दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेज, बैंक पासबुक और निवेश से जुड़े कागजात की भी जांच की गई।
घर से 13 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी
निगरानी टीम की कार्रवाई के दौरान DCLR के आवास से करीब 13 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की बात सामने आई है। टीम अन्य दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
कंचन कुमारी झा करीब डेढ़ साल से रोसड़ा में DCLR के पद पर तैनात हैं और मूल रूप से मधुबनी जिले की रहने वाली बताई गई हैं।
क्या होता है DCLR का काम?
DCLR यानी भूमि सुधार उप समाहर्ता अनुमंडल स्तर पर राजस्व और भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हैं। दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों में अंचल अधिकारी के फैसले के खिलाफ अपील भी DCLR के समक्ष की जा सकती है।
इसके अलावा जमीन के कब्जे, बंटवारे और मालिकाना हक से जुड़े मामलों की सुनवाई तथा राजस्व संबंधी कार्यों की निगरानी भी DCLR के अधिकार क्षेत्र में आती है।
निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद अब रिश्वत के आरोप और बरामद नकदी से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
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